4 दिसंबर 2014 - 20:05
 ISIL के आतंक से दुनिया का कोई कोना सुरक्षित नहीं है।

ईरान के एक मशहूर शिया मरजा-ए-तक़लीद ने कहा है कि ISIL के माध्यम से उपजे आतंक से पूरी दुनिया को ख़तरा है।

ईरान के एक मशहूर शिया मरजा-ए-तक़लीद ने कहा है कि ISIL के माध्यम से उपजे आतंक से पूरी दुनिया को ख़तरा है।
रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र महासचिव के इराक़ में विशेष प्रतिनिधि निकोलाई मलादिनउफ ने ईरान के मरजा-ए-तक़लीद आयतुल्लाह साफ़ी गुलपाएगानी के साथ मुलाक़ात की कि जिसमें आयतुल्लाह साफ़ी गुलपाएगानी ने इराक़ में ISIL के अपराधों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ISIL के माध्यम जो अपराध इराक़ में हुए हैं इससे न केवल इराक़ बल्कि पूरी दुनिया को ख़तरा है अगर यह स्थिति जारी रही तो पूरी दुनिया आपदा का शिकार हो जाएगी।
उन्होंने दूसरे देशों से अपील की कि वह इस खतरनाक टोले के मुक़ाबले के लिए कड़े उपाय करें। आयतुल्लाह साफ़ी ने मलादिनउफ के इस सवाल के जवाब में कि कैसे इराक़ के विभिन्न कबीलों में एकता पैदा की जा सकती है कहा कि इराक़ के लोगों और क़बीलों में पहले से गठबंधन व एकता पाई जाती थी केवल ISIL और उसके समर्थकों के कारण उनके बीच मतभेद पैदा हुआ है कि जो ISIL के नष्ट होने से इंशा अल्लाह फिर से इराक़ में पलट आएगा।
उन्होंने आयतुल्लाह सीसतानी के उपायों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आपने देखा कि किस तरह आयतुल्लाह सीसतानी ने सबको एकता और हमदिली की ओर आमंत्रित किया और इराक़ी जनता को एक धुरी पर जमा किया। बल्कि उल्मा और मराजे की हमेशा यही कोशिश होती है कि एकता की रक्षा की जाए और हर तरह के दंगे से जो विवाद का कारण बनता है लोगों को दूर रखा जाए।
उन्होंने इस्लामी शिक्षाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि हम पूरी दुनिया के लोगों के लिए शांति और अमन चाहते हैं सब अमन व शांति के साथ मिल जुल कर ज़िंदगी गुजारें और अत्याचार व हिंसा से दूर रहें। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि से मांग की कि वह संयुक्त राष्ट्र में इस बात को पेश करें कि ISIL के संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट करे और सबको बताए कि ISIL पूरी दुनिया के लिए खतरा है और सबको मिलकर इसका मुकाबला करना होगा और उसके ख़तरे के दुनिया से खत्म करना होगा, संयुक्त राष्ट्र को इस बारे में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिये।