3 दिसंबर 2014 - 19:25
 ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने से वार्ता पटरी से उतर जाएगी

अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुज़ेन राइस ने कहा है कि परमाणु बातचीत जारी रहने के बीच ईरान के ख़िलाफ़ और अधिक प्रतिबंध लगाने से बातचीत विफल हो जाएगी।

अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुज़ेन राइस ने कहा है कि परमाणु बातचीत जारी रहने के बीच ईरान के ख़िलाफ़ और अधिक प्रतिबंध लगाने से बातचीत विफल हो जाएगी।
सुज़ेन राइस ने मंगलवार को कहा, “गुट पांच धन एक टूट जाएगा और विश्व समुदाय बातचीत की नाकामी के लिए ईरान के बजाए अमरीका को ज़िम्मेदार ठहराएगा और ईरानी यह नतीजा निकालेंगे कि बातचीत प्रक्रिया को जारी रखने का कोई अर्थ नहीं है।”
अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा आयोजित कांफ़्रेंस में यह टिप्पणी की। अमरीकी सांसदों ने कांग्रेस से ईरान और गुट पाचं धन एक के बीच परमाणु वार्ता की अवधि के बढ़ने के बाद, ईरान के ख़िलाफ़ और प्रतिबंध लगाने की मांग की है।दोनों पक्षों के बीच 24 नवंबर तक एक हफ़्ते तक सघन परमाणु वार्ता हुई थी। ईरान और गुट पांच धन एक के बीच वार्ता को जारी रखने पर सहमति बन गई थी। इसी प्रकार दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए कि जनेवा में पिछले वर्ष नवंबर में हुयी अंतरिम परमाणु सहमति 1 जुलाई 2015 तक प्रभाव में रहेगी।
अमरीका में इस्राईल समर्थक लॉबी आईपैक परमाणु बातचीत की अवधि बढ़ने पर प्रतिक्रिया स्वरूप ईरान के ख़िलाफ़ और पाबंदी लगवाने की कोशिश कर रही है। आईपैक, वार्ता प्रक्रिया के दौरान स्थगित आर्थिक प्रतिबंधों को फिर लगाने के लिए वाशिंग्टन पर दबाव डाल रही है। इसी परकार यह लॉबी चाहती है कि अमरीका ईरान के तेल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दे और ईरान के अन्य उद्योगों को भी ब्लैक लिस्टिड करे दे।
हालांकि पिछले हफ़्ते वाइट हाउस ने कहा था कि ईरान के ख़िलाफ़ अधिक प्रतिबंधों का उलटा असर होगा। वाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी जॉश अर्नेस्ट ने कहा, “हमारा मानना है कि जारी बातचीत प्रक्रिया के दौरान और पाबंदी लगाने का उलटा असर होगा।”
अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने भी वार्ता प्रक्रिया को जारी रखने का समर्थन किया है। जॉन केरी ने कहा, “हमने वास्तव में उल्लेखनीय प्रगति की है और नए विचार सामने आ रहे हैं।”