सऊदी अरब के एक धर्म प्रचारक ने कहा है कि सभी महिलाओं के लिए पर्दा अनिवार्य नहीं है।
सऊदी अरब में एक धार्मिक केंद्र के पूर्व प्रमुख ने पवित्र नगर मक्का में कहा है कि सभी महिलाओं के लिए इस्लामी हिजाब वाजिब अर्थात अनिवार्य नहीं है बल्कि यह आदेश पैग़म्बर के काल में केवल उनकी पत्नियों से विशेष था। अहमद अलग़ामेरी ने दावा किया है कि इस्लाम के धर्मगुरू सभी महिलाओं के लिए पर्दा अनिवार्य न होने पर एकमत हैं और पैगम्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के सहाबी या साथी भी सभी महिलाओं के लिए हिजाब को वाजिब नहीं समझते थे।समाचारपत्र अलअंबा ने ग़ामेदी के हवाले से लिखा है कि महिलाएं मेकअप करके भी अपना चेहरा खुला रख सकती हैं। उन्होंने इसी प्रकार कहा है कि महिलाएं, अपने चित्र, सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर अपने पेज पर भी शेयर कर सकती हैं। सऊदी अरब के एक धार्मिक केंद्र के पूर्व प्रमुख ने कहा कि पुरुष मेकअप में मौजूद सुंदर महिला का चेहरा देख सकते हैं और महिलाएं व पुरुष अपने कार्यस्थल या विश्व विद्यालयों में होने वाले समारोहों में एक दूसरे के साथ रह सकते हैं। ग़ामेदी का कहना था कि महिलाएं, पुरुषों के पापों की ज़िम्मेदार नहीं हैं और पुरुषों को अपने पाप का बोझ स्वयं ढोना होगा तथा मर्द को यदि यह पता हो कि वह पाप में नहीं पड़ेगा तो वह महिलाओं के चेहरों को देख सकता है।
1 दिसंबर 2014 - 18:36
समाचार कोड: 655351
सऊदी अरब के एक धर्म प्रचारक ने कहा है कि सभी महिलाओं के लिए पर्दा अनिवार्य नहीं है।