विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि ईरान आपसी सहयोग के सिद्धांत पर अपना अधिकार चाहता है और सामने वाले पक्ष की विशिष्टता लेने की इच्छा के विरुद्ध डट जाएगा।
उन्होंने मंगलवार को वियना पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में आशा जतायी कि 24 नवंबर उन लक्ष्यों की प्राप्ति में राष्ट्रीय विजय का दिन होगा जिसे ईरानी राष्ट्र परमाणु वार्ता में हासिल करना चाहता था। ईरानी विदेश मंत्री ईरान और गुट पांच धन एक के बीच परमाणु वार्ता के अंतिम चरण में भाग लेने के लिए वियना के दौरे हैं।
मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने बल दिया कि अगर सामने वाले पक्ष के पास हल तक पहुंचने के लिए राजनैतिक संकल्प हो तो ईरान की परमाणु गतिविधियों के शांतिपूर्ण होने के संबंध में संतुष्ट होने के अनेक प्रस्ताव पेश किए गए हैं जो बहुत ही उचित हल पेश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले पक्ष की विशिष्टता पाने की इच्छा के कारण कोई हल न निकल पाए तो दुनिया यह समझ जाएगी कि ईरान आपसी सहमति व हल का इच्छुक तो मगर अपने अधिकारों और राष्ट्रीय सम्मान की क़ीमत पर नहीं।
ईरानी विदेश मंत्री और परमाणु वार्ता में योरोपीय संघ की प्रतिनिधि कैथ्रिन एश्टन मंगलवार को दोपहर बाद वियना में ईरान के प्रतिनिधि कार्यालय में भेंटवार्ता का कार्यक्रम था। बातचीत के इस चरण को व्यापक परमाणु वार्ता का सबसे अहम चरण माना जा रहा है जिसमें ईरान और गुट पांच धन एक के बीच नौ चरणों की बातचीत का नतीजा निकलने वाला है।
युरेनियम के संवर्धन का स्तर और ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, योरोपीय संघ, अमरीका और विशेष रूप से अमरीकी कांग्रेस की ओर से पाबंदियों को हटाने की शैली और सहमति की समय सीमा मतभेद के मुख्य विषय हैं।
18 नवंबर 2014 - 19:01
समाचार कोड: 652210
विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि ईरान आपसी सहयोग के सिद्धांत पर अपना अधिकार चाहता है और सामने वाले पक्ष की विशिष्टता लेने की इच्छा के विरुद्ध डट जाएगा।