तेहरान में 1979 में छात्रों द्वारा अमरीकी दूतावास को अपने अधिकार में लेने की घटना की 35वीं वर्षगांठ के अवसर पर पूरे ईरान में रैली निकाली गयी।
मंगलवार को तेहरान में अमरीकी दूतावास की पूर्व इमारत के बाहर जो जासूसी के अड्डे के नाम से भी जानी जाती है, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने अमरीका और इस्राईल के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की। ईरान में 4 नवंबर को जो छात्र दिवस के नाम से भी ईरान में जाना जाता है, विश्व साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष के रूप में मनाया जाता है।
35 साल पहले इस दिन तेहरान विश्वविद्यालय के छात्रों के एक समूह ने अमरीकी दूतावास की इमारत पर धावा बोला। उनका मानना था कि ईरान में 1979 में आयी इस्लामी क्रान्ति के बाद इस्लामी व्यवस्था को गिराने के उद्देश्य से तेहरान स्थित अमरीकी दूतावास जासूसी का अड्डा बन गया है। बाद में अमरीकी दूतावास से बरामद हुए दस्तावेज़ से क्रान्तिकारी छात्रों के दावों की पुष्टि हुयी कि अमरीका तेहरान स्थित अपने दूतावास को ईरान में नई इस्लामी व्यवस्था को गिराने के लिए प्रयोग कर रहा था।
अमरीकी दूतावास के 52 अमरीकी नागरिकों को 20 जनवरी 1981 तक 444 दिनों तक हिरासत में रखा गया।
उस समय इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह ने इस घटना को अधिक अहमियत वाली दूसरी क्रान्ति की संज्ञा दी थी।
4 नवंबर 2014 - 18:32
समाचार कोड: 649199
तेहरान में 1979 में छात्रों द्वारा अमरीकी दूतावास को अपने अधिकार में लेने की घटना की 35वीं वर्षगांठ के अवसर पर पूरे ईरान में रैली निकाली गयी।