तेहरान की जुमे के इमाम ने सउदी अरब की सरकार को इस देश के वरिष्ठ शीया धर्मगुरु शैख़ निम्र बाक़िर अन्निम्र को फांसी देने के आदेश के संबंध में चेतावनी दी है।
आयतुल्लाह मोहम्मद अली मोवह्हेदी ने जुमे की नमाज़ के ख़ुतबे में सउदी सरकार के शैख़ निम्र को फांसी देने के आदेश को ग़ैर क़ानूनी बताते हुए कहा कि इस देश की एक तिहाई आबादी शीया है और सउदी अरब की सरकार को इस देश में एक वरिष्ठ शीया धर्मगुरु को फांसी देने के आदेश के अंजाम की ओर से सचेत हो जाना चाहिए। उन्होंने इराक़ और सीरिया में तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईएल के अपराधों के बारे में कहा कि यह बात बिल्कुल स्पष्ट है कि अमरीका आईएसआईएल के ख़िलाफ़ कथित गठजोड़ का दुरुपयोग कर इराक़ में फिर से सैन्य उपस्थिति की भूमि प्रशस्त करने और सीरिया की आधारभूत संरचना को तबाह करना चाहता है।
तेहरान की जुमे के इमाम ने मोहर्रम के निकट आगमन और आशूर की विरासत की रक्षा के लिए शोक सभाओं के आयोजन पर बल देते हुए कहा कि आशूर की घटना और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके साथियों के आंदोलन ने यह दर्शा दिया कि कभी कभी ईश्वर के लिए मुसीबतों को सहन करना चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ नेता का चयन करने वाली परिषद के अध्यक्ष आयतुल्लाह महदवी कनी के देहान्त पर संवेदना व्यक्त करते हुए, इस्लामी क्रान्ति को उनकी सेवा की सराहना की।
24 अक्टूबर 2014 - 19:30
समाचार कोड: 646565
तेहरान की जुमे के इमाम ने सउदी अरब की सरकार को इस देश के वरिष्ठ शीया धर्मगुरु शैख़ निम्र बाक़िर अन्निम्र को फांसी देने के आदेश के संबंध में चेतावनी दी है।