सऊदी अरब में वरिष्ठ धर्मगुरू को मौत की सज़ा सुनाए जाने के विरोध में देश के भीतर जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है जबकि देश के बाहर भी सऊदी अदालत के फ़ैसले की आलोचना की जा रही है।
क़तीफ़ सहित पूर्वी प्रांत के अनेक शहरों में हज़ारों की संख्या में लोग सड़कों पर निकल पड़े और सऊदी सुरक्षा बलों के क़ब्ज़े में मौजूद वरिष्ठ धर्मगुरू शैख़ निम्र बाक़िर अन्निम्र की रिहाई की मांग की।
शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन हुए हैं।
सऊदी अरब की राजधानी रियाज़ में एक विशेष अदालत ने गत बुधवार को शैख़ बाक़िर अन्निम्र को मौत की सज़ा सुनाई है।
सऊदी अरब के मानवाधिकार कार्यकर्ता नासिर अलउमैरी ने कहा कि सऊदी सरकार निर्दोष नागरिकों को यातनाएं दे रही है और उनकी हत्या कर रही है और अब उसने हद कर दी है कि शैख़ अन्निम्र जैसी हस्ती को निशाना बनाया है।
ज्ञात रहे कि जुलाई वर्ष 2012 में सऊदी सुरक्षा बलों ने शैख़ बाक़िर अन्निम्रम को क़तीफ़ नगर में गोली मारकर घायल कर देने के बाद गिरफ़तार कर लिया था। उनकी गिरफ़तारी पर सऊदी अरब के अनेक शहरों में प्रदर्शन फूट पड़े थे और सुरक्षा बलों के हमलों में कई प्रदर्शनकारी शहीद हुए थे।
देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर जारी अभियान से जुड़ वरिष्ठ धर्मगुरू पर आरोप है कि वह देश की सुरक्षा व्यवस्था को नुक़सान पहुंचा रहे हैं और सरकार विरोधी भाषण देते हैं।
दूसरी ओर बहरैन में भी शैख़ बाक़िर अन्निम्र की तत्काल रिहाई के लिए व्यापक स्तर पर प्रदर्शन हुए।
17 अक्टूबर 2014 - 19:48
समाचार कोड: 645022
सऊदी अरब में वरिष्ठ धर्मगुरू को मौत की सज़ा सुनाए जाने के विरोध में देश के भीतर जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है जबकि देश के बाहर भी सऊदी अदालत के फ़ैसले की आलोचना की जा रही है।