अहलेबैत समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा है कि हज ऐसा महत्वपूर्ण अवसर है जिसमें इस्लामी राष्ट्र को आध्यात्मिकता से क़रीब होने और अल्लाह से अपना संबंध मज़बूत करने का मौक़ा मिलता है। इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने आज हज मिशन के अधिकारियों से मुलाक़ात में हज को दीनी और आध्यात्मिक मामलों तथा इस्लामी दुनिया के प्रमुख मुद्दों में सुधार का महत्वपूर्ण अवसर बताया। आपने फ़रमाया कि मुसलमानों को हज के दिनों में इस इलाही दस्तरख़ान की नेमतों से पूरा फ़ायदा उठाना चाहिए और अल्लाह के साथ अपने सम्बंध को इस तरह मजबूत बनाना चाहिए कि हज के बाद हाजी में वास्तविक परिवर्तनों को देखा जा सके।
इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने इस्लामी दुनिया के प्रमुख मुद्दों की समीक्षा करने के, हज के मौसम से लाभ उठाने और समस्याओं को हल करने के उद्देश्य से विचारों के आदान प्रदान के बारे में कहा कि आज इस्लामी दुनिया के हालात नाजुक मोड़ से गुजर रहे हैं और इस्लामी दुनिया का एक महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि वर्चस्ववादी शक्तियां उनके बीच मतभेद डालने और संदेह फैलाने की कोशिश कर रही है।
इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने बल देकर कहा कि हज के दिनों में हमें दिलों को साफ़ करने और नफ़रतों व कीनों को कम करने की भरपूर कोशिश करनी चाहिए। आपने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि कुछ शिया और सुन्नी मुसलमान लापरवाही के आधार पर एक दूसरे पर तोहमतें और झूठे आरोप लगाकर इस्लाम के दुश्मनों को फ़ायदा पहुंचा रहे हैं और अमेरिका और ज़ायोनी शासन के हितों के लिए काम कर रहे हैं। इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने तकफ़ीरियों को मौजूदा हालात में मुसलमानों में मतभेद फैलाने, उन्हें एक दूसरे के खिलाफ़ लड़ाने, उन्हें फ़िलिस्तीन से लापरवाही बरतने और जायोनी सरकार के हितों की सुरक्षा के सिलसिले में इस्लाम दुश्मन तोक़तों का हथकंडा बताते हुए कहा कि फ़िलिस्तीन इस्लामी दुनिया का पहला मुद्दा है जिस पर हज के दौरान ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है।
7 सितंबर 2014 - 18:01
समाचार कोड: 636172
इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा है कि हज ऐसा महत्वपूर्ण अवसर है जिसमें इस्लामी राष्ट्र को आध्यात्मिकता से क़रीब होने और अल्लाह से अपना संबंध मज़बूत करने का मौक़ा मिलता है।