इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैः जब क़यामत का दिन आएगा (वह दिन जब अल्लाह इंसान को ज़िंदा कर उसका हिसाब किताब करेगा) उस दिन अल्लाह आलिम व इबादत गुज़ार को ज़िंदा करेगा। जब दोनों अल्लाह के सामने उपस्थित होंगे तो अल्लाह इबादतगुज़ार से कहेगा कि जन्नत में जाओ और आलिम से कहेगा कि रुको और लोगों को शिष्टाचार सिखाने के कारण उनकी सिफ़ारिश करो।
14 अगस्त 2014 - 06:53
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आलिम की अहमियत