हज़रत अली अलैहिस्सलाम का फ़रमान हैः ख़ामोशी तुम्हें प्रतिष्ठा का लिबास पहनाता है और तुम्हें माफ़ी मांगने से बचा लेता है। जो इंसान ज़्यादा बात करता है वह ज़्यादा ग़लती करता है जिससे उसके व्यक्तित्व की धाक कम हो जाती है और वह बार बार माफ़ी मांगने पर मजबूर होता है जबकि ख़ामोशी इंसान को यह अवसर देता है कि वह सोच समझ कर बात कर ख़ुद को ग़लती से बचा ले।
10 अगस्त 2014 - 02:15
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ख़ामोश रहने का फ़ायदा