2 अगस्त 2014 - 19:09

अल्लाह से सही माना में डर।

इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैः अल्लाह से डर इसे नहीं कहते कि कोई रोए मगर उसमे वह सदाचारिता न हो जो उसे अल्लाह की नाफ़रमानी से रोके, वास्तव में ऐसा रोना झूठा रोना है।