2 अगस्त 2014 - 17:20

किसी इंसान की जेहालत के सिद्ध होने के लिए यही बात काफ़ी है कि वह, वही काम करे जिससे उसे रोका गया हो।

इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैंः किसी इंसान की जेहालत के सिद्ध होने के लिए यही बात काफ़ी है कि वह, वही काम करे जिससे उसे रोका गया हो।