2 अगस्त 2014 - 17:20

मां ही है जो अपनी तरबियत से औलाद की दुनिया व आख़िरत के सौभाग्य को तय करती है।

पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम फ़रमाते हैंः मां ही है जो अपनी तरबियत से औलाद की दुनिया व आख़िरत के सौभाग्य को तय करती है।