8 जुलाई 2014 - 17:22
कर्बला में रौज़ों की सुरक्षा के लिये उल्मा ने भी पहनी फ़ौजी वर्दी।

आतंकवादी समूह दाइश का मुकाबला करने के लिए आयतुल्लाह सीसतानी की दावत पर लब्बैक कहते हुए कर्बला में कल रात भी भारी संख्या में जवानों ने जमा हो कर जिहाद के लिए अपनी आमादगी जताई है।

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबनाः आतंकवादी समूह दाइश का मुकाबला करने के लिए आयतुल्लाह सीसतानी की दावत पर लब्बैक कहते हुए कर्बला में कल रात भी भारी संख्या में जवानों ने जमा हो कर जिहाद के लिए अपनी आमादगी जताई है।
इस रिपोर्ट के अनुसार सैकड़ों स्वंयसेवियों ने कर्बला में जमा होकर मरजईयत के समर्थन में नारे लगाये और रौज़ों की रक्षा के लिए अपनी आमादगी जताई।
इराक में तकफीरी टोले दाइश द्वारा अबू बकर बग़दादी को हालिया दिनों में मुसलमानों के ख़लीफ़ा के रूप में पहचनवाने के बाद इराक़ की दीनदार और मोमिन शिया सुन्नी जनता की भारी संख्या ने एक बार फिर कर्बला में उपस्थित होकर इस तकफ़ीरी टोले को नष्ट करने के लिए अपने आमादगी जताई है।
सूचना के अनुसार बैनुल हरमैन (इमाम हुसैन अ. और हज़रत अब्बास के रौज़ो के बीच का स्थान) में एकत्र हुए लोगों ने अपने नाम दर्ज करा दिए हैं और उन्हें मामूली ट्रेनिंग के बाद इराकी सेना के साथ जोड़ दिया जाएगा।
ग़ौरतलब है कि कल रात बैनुल हरमैन में इकट्ठा लोगों में इराक़ी उल्मा भी शामिल थे।