तेहरान रेडियो की रिपोर्ट के अनुसार एक ओर अमरीका, तकफ़ीरी आतंकवादी गुट इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़ एंड दी लिवैंट (दाइश) से मुक़ाबले का दिखावा कर रहा है तो दूसरी ओर उसका समर्थन कर रहा है।
वास्तव में अमरीका हमेशा की तरह इराक़ और सीरिया में भी आतंकवाद पर डबल गेम खेल रहा है।
प्रेस टीवी पर अपने लेख में प्रोफ़ैसर केविन बैर्रेट ने लिखा है कि अमरीकी सरकार दाइश के आतंकवादियों पर बहुत अधिक पैसा लुटा रही है ताकि उन्हें बहुत बड़ा ख़तरा दिखाने का नाटक रच सके।
उनका कहना था कि मध्यपूर्व को अस्थिर एवं अशांत रखना अमरीका की मूल नीति है।
विश्व के प्रसिद्ध राजनीतिक टीकाकार का कहना है कि अमरीका, मध्यपूर्व के देशों को इतना कमज़ोर कर देना चाहता है कि वे कभी इस्राईल के सामने न उठ सकें और अपने तेल एवं ऊर्जा स्रोतों का सही इस्तेमाल न कर सकें।
बैर्रेट ने उल्लेख किया कि इराक़ के प्रधान मंत्री नूरी अल-मालिकी अमरीका के इस पाखंड से अवगत हैं, इसी कारण उन्होंने दाइश का मुक़ाबला करने के लिए रूस से जंगी विमान ख़रीदने का फ़ैसला किया है। इसलिए कि अमरीका ने बग़दाद से जिन जंगी जहाज़ों के देने का वादा किया था वह कभी नहीं पहुंचेंगे।
बैर्रेट का कहना था कि ख़ूंख़ार तकफ़ीरी आतंकवादियों के मुक़ाबले में इराक़ी सरकार की सहायता के लिए अमरीका को किसी तरह की कोई जल्दी नहीं है।
29 जून 2014 - 11:49
समाचार कोड: 619925
एक ओर अमरीका, तकफ़ीरी आतंकवादी गुट इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़ एंड दी लिवैंट (दाइश) से मुक़ाबले का दिखावा कर रहा है तो दूसरी ओर उसका समर्थन कर रहा है।