14 जून 2014 - 19:23

हज़रत अली अलैहिस्स्लाम फ़रमाते हैः जब कोई दूसरे का मज़ाक़ उड़ाता है तो अपनी अक़्ल का एक हिस्सा नष्ट कर देता है।

हज़रत अली अलैहिस्स्लाम फ़रमाते हैः जब कोई दूसरे का मज़ाक़ उड़ाता है तो अपनी अक़्ल का एक हिस्सा नष्ट कर देता है।