अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार म्यांमार के राख़ीन प्रदेश में रोहंगिया मुसलमानों के ख़िलाफ़ बड़े स्तर पर होने वाली हिंसा की वजह से मुसलमानों की अधिकांश आबादी मेडिकल सुविधा से वंचित है। बीबीसी के पत्रकार नें इस सिलसिले में अपनी रिपोर्ट में कहा कि बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों में मुसलमानों पर होनी वाली हिंसा की वजह से लोकतंत्र की बहाली से सम्बंधित म्यांमार की कोशिशें शक के दायरे में आ गई हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय इलाक़े सीतवी शहर में मानवीय एकता के आधार पर काम करने वाले संगठनों के आफ़िसों पर बुद्धिस्टों के हमलों की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि पिछले महीने सात बच्चे इस इलाक़े में अपनी जानों से हाथ धो बैठे हैं और यहाँ एक भी डाक्टर नहीं था जो उनकी मदद कर सकता।
2 जून 2014 - 18:52
समाचार कोड: 613165
म्यांमार के राख़ीन प्रदेश में रोहंगिया मुसलमानों के ख़िलाफ़ बड़े स्तर पर होने वाली हिंसा की वजह से मुसलमानों की अधिकांश आबादी मेडिकल सुविधा से वंचित है।