कर्बला शाहे मरदान मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब आज दिल्ली पहुंचने पर मजलिसे उल्माए हिंद के जनरल सिक्रेटरी मौलाना सैयद कल्बे जव्वाद नकवी को उल्मा और जनता के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इससे पूर्व मौलाना कल्बे जव्वाद नक़वी ने यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में दिल्ली के उपशाही इमाम मौलाना यहया बुखारी के साथ संयुक्त प्रेस कांफ़्रेंस में मुसलमानों से अपील की थी कि वह लोकसभा चुनाव में साम्प्रदायिक शक्तियों खासकर कांग्रेस का बहिष्कार करें। और धर्मनिरपेक्ष उम्मीदवार को सफल बनाएं। मौलाना ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि कुछ पार्टियां मुसलमानों की खुली हुई दुश्मन हैं कुछ पार्टियां पीठ में ख़ंजर मारने का काम करती है कांग्रेस भी एक ऐसी ही पार्टी है जो मुसलमानों की पीठ में ख़ंजर मारती है।
कांग्रेस ने पिछले 56 सालों से केवल मुसलमानों को बर्बाद करने का काम किया है। मौलाना के लगातार कांग्रेस विरोधी बयानों और प्रदर्शनों से घबरा कर अनंततः आज दिल्ली में जिला प्रशासन उन्हें कांग्रेसी नेताओं के इशारे पर लगभग 1500 सौ से अधिक लोगों और मौलानाओं के साथ गिरफ्तार करके मंडावली थाने ले गए हैं।
मौलाना कल्बे जव्वाद आज सुबह दिल्ली पहुंचे थे जहां उन्हें कर्बला शाहे मरदान विवाद को हल करने तथा वक़्फ़ संपत्ति के विनाश के खिलाफ कांग्रेस द्वारा मस्जिदों को शहीद किए जाने को लेकर हो रहे अंजुमने हैदरी के प्रदर्शन में शामिल होना था जहां पहुंचने के बाद मौलाना को पुलिस ने उल्मा और जनता के साथ हिरासत में ले लिया।
गौरतलब है कि मौलाना सैयद कल्बे जव्वाद नक़वी लगातार वक़्फ़ संपति की वापसी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और कल दिल्ली में कर्बला जोर बाग शाहे मरदान की वापसी के लिए आंदोलन चलाया जा रहा था। दोपहर 3 बजे प्रदर्शनकारियों ने एन. एच 42 दिल्ली उत्तर प्रदेश हाइवे को जाम कर दिया था जहां 4 बजे के आसपास मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी को उनके साथियों सहित गिरफ्तार कर लिया गया और अब तक मौलाना को पुलिस ने रिहा नहीं किया है। दरअसल अब कांग्रेस अपनी दुश्मनी निकाल रही है और अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश में एक्सपोज़ हो रही है।