आले ख़लीफ़ा के नौकरों ने सोमवार की रात मनामा में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वालों पर हमले किये हैं। इन हमलों में दसियों इन्क़ेलाबियों के घायल होने की ख़बर मिली है। आले ख़लीफ़ा के नौकरों नें प्रदर्शनकारियों पर ज़हरीली गैस भी छोड़ी जिससे दसियों लोग प्रभावित हुए हैं। दूसरी तरफ़ जमीअतुल विफ़ाक़ पार्टी नें एक बयान जारी करके आले ख़लीफ़ा की हिंसक कार्यवाहियों की आलोचना की है। मानवाधिकार संगठनों नें आले ख़लीफ़ा के हाथों मानवीय अधिकारों के हनन किये जाने की आलोचना करते हुए राजनीतिक क़ैदियों को रिहाई की मांग की है। ऐमनिस्टी इंटरनेशनल के एक उच्च अधिकारी नें आले ख़लीफ़ा की हिंसक पॉलीसियों की आलोचना करते हुए इन्क़ेलाबी महिला लीडर ज़ैनबुल क़्वाजा के ख़िलाफ़ मुक़दमे वापस लेने की मांग की है। यूरोपीय मानवाधिकार कमीशन नें कहा है कि आले ख़लीफ़ा की सरकार नें 2011 से 4000 लोगों को गिरफ़्तार करके बिना किसी मुकद्दमे के जेलों में भर रखा है।
24 फ़रवरी 2014 - 20:30
समाचार कोड: 509074
आले ख़लीफ़ा के नौकरों ने सोमवार की रात मनामा में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वालों पर हमले किये हैं। इन हमलों में दसियों इन्क़ेलाबियों के घायल होने की ख़बर मिली है