28 नवंबर 2013 - 20:30
सऊदी अरब और ज़ायोनी सरकार के बीच ईरान के ख़िलाफ़ नए समझौते पर हस्ताक्षर।

ईरान और ग्रप 5+1 के बीच होने वाले समझौते पर सऊदी अरब व ज़ायोनी सरकार का प्रभाव न चलने पर सऊदी अरब व ज़ायोनी सरकार नें ईरान के ख़िलाफ़ नए समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।

ईरान और ग्रप 5+1 के बीच होने वाले समझौते पर सऊदी अरब व ज़ायोनी सरकार का प्रभाव न चलने पर सऊदी अरब व ज़ायोनी सरकार नें ईरान के ख़िलाफ़ नए समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। सऊदी अरब के ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख बंदर बिन सुल्तान और ज़ायोनी सरकार की जासूसी एजेंसी मूसाद के प्रमुख टामीर पार्डो नें आस्ट्रिया की राजधानी वियाना में ईरान के ख़िलाफ़ जासूसी व हिंसक कार्यवाहियों और ख़ुफ़िया जानकारियों के विभागों में दो तरफ़ा सम्बंधों को बढ़ावा देने के लिये साज़िशों वाली योजनाएं पेश की हैं। ईरान के परमाणु बिजली घरों के संयंत्रों में गड़बड़ी पैदा करने के लिये स्टाक्स नेट से ज़्यादा शक्ति शाली कम्प्यूटर वायरस तैयार करना, इस बैठक में मूसाद के पदाधिकारियों की तरफ़ से प्रस्तुत किया जाने वाला साज़िशी प्लान था जिसका सऊदी अरब की तरफ़ से स्वागत किया गया और इस साज़िश वाली योजना पर काम करने की परमीसन भी दे दी गई है। इससे पहले सऊदी अरब के वली अहद सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ नें देश के इंटेलीजेंस विभाग के प्रमुख सीरियाई संकट केस के प्रमुख बंदर बिन सुल्तान और ज़ायोनी सरकार के लिये जासूसी करने वाले संगठन और कुछ अरदनी अधिकारियों के बीच होने वाली मुलाक़ात पर अपना कड़ा रुख़ दिखाया था और बंदर बिन सुल्तान को अपनी कार्यवाहियां ख़ुफ़िया न रखने पर कड़ी फटकार लगाई थी।