15 नवंबर 2013 - 20:30
बहरैन में अज़ादारी से रोकने की कोशिश।

बहरैन की जनता के ख़िलाफ़ आले ख़लीफ़ा की हिंसक कार्यवाहियाँ जारी हैं। लूलू चैनल के अनुसार आले ख़लीफ़ा के लोगों नें दस बेगुनाह नागरिकों को कर्बला के शहीदों की याद में हो रही मजलिस में भाग लेने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया है।

बहरैन की जनता के ख़िलाफ़ आले ख़लीफ़ा की हिंसक कार्यवाहियाँ जारी हैं। लूलू चैनल के अनुसार आले ख़लीफ़ा के लोगों नें दस बेगुनाह नागरिकों को कर्बला के शहीदों की याद में हो रही मजलिस में भाग लेने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया है।गिरप़्तार किये गए लोगों में 4 महिलाएं भी शामिल हैं। इसी बीच अलविफ़ाक़ इस्लामिक पार्टी बहरैन नें कहा है कि आले ख़लीफ़ा के लोग पूरे देश में मजलिसों पर हमले कर के हुसैन अ. के अज़ादारों का अपमान कर रहे हैं और मोहर्रम के अवसर पर लगाए गए बैनरों और पोस्टरों को फाड़ कर फेँक देते हैं। अलविफ़ाक़ इस्लामिक पार्टी नें आले ख़लीफ़ा की इन कार्यवाहियों को धार्मिक स्वतंत्रता के विरुद्ध बताया। आले ख़लीफ़ा की जेलों में राजनीतिक क़ैदियों को अज़ादारी करने की परमीशन नहीं है जोकि क़ैदियों के अधिकारों का उल्लंघन है। उधर तमर्रुद आंदोलन के एक सदस्य अली अलफ़ाएज़ नें कहा है कि आले ख़लीफ़ा तकफ़ीरी संगठनों का समर्थन कर के शियों को कुचल रही है। बहरैन यूरोप मानवाधिकार कमीशन के प्रमुख हुसैन जवाद नें कहा है कि आले ख़लीफ़ा देश में बहुल्य समुदाय के ख़िलाफ़ बदले की कार्वाही कर रही है