20 सितंबर 2013 - 19:30
सम्मान के आधार पर बातचीत के लिए तय्यार हैः रूहानी

ईरानी राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि ईरान पश्चिम के साथ वार्ता के लिए तय्यार है यदि परमाणु संवर्धन सहित तेहरान के अधिकारों को माना जाए।

ईरानी राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि ईरान पश्चिम के साथ वार्ता के लिए तय्यार है यदि परमाणु संवर्धन सहित तेहरान के अधिकारों को माना जाए।उन्होंने रविवार को इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी के रौज़े पर पवित्र प्रतिरक्षा समारोह के अवसर पर सशस्त्र सेनाओं को संबोधित करते हुए कहाः “ईरानी राष्ट्र परस्पर सम्मान और समानता के आधार पर पश्चिम के साथ वार्ता के लिए तय्यार है।”डाक्टर रूहानी ने कहाः “अंतर्राष्ट्रीय क़ानून की परिधि में देश के भीतर परमाणु अधिकारों सहित ईरानी जनता के सभी अधिकारों का पश्चिम सम्मान करे।”डाक्टर रूहानी का यह बयान वाइट हाउस की ओर से ईरान के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम पर तेहरान के साथ परस्पर सम्मान के आधार पर वार्ता की तय्यारी की घोषणा के दो दिन बाद सामने आया है।शुक्रवार को वाइट हाउस के प्रवक्ता जॉश अर्नेस्ट ने पत्रकारों से कहाः “हम आपसी सम्मान के आधार पर वार्ता जारी रखना चाहेंगे।”ज्ञात रहे अमरीका और उसके घटक ईरान पर शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम की आड़ में परमाणु शस्त्रों की प्राप्ति के प्रयास का आरोप लगाते हैं और इसी आरोप के बहाने अमरीका और योरोपीय संघ ने ईरान पर एकपक्षीय प्रतिबंध लगा दिए हैं जबकि ईरान का कहना है कि उसकी समस्त परमाणु गतिविधियां शांतिपूर्ण हैं जो आईएईए के निरीक्षण में जारी हैं और वह परमाणु अप्रसार संधि एनपीटी के सदस्य देश के नाते शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए परमाणु ऊर्जा के प्रयोग के अपने मूल अधिकार पर बल देता है।आईएईए ने भी ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों का अनेक बार निरीक्षण किया है और उसे ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले जिससे पश्चिमी देशों के आरोपों की पुष्टि हो।22 फ़रवरी 2012 को इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने परमाणु शस्त्रों के निर्माण के वर्जित होने का फ़तवा दिया है।