20 अप्रैल 2013 - 19:30
बहरैन में मस्जिदों का गिराना धार्मिक और मानवीय अपराध।

बहरैन के डिफ़ेंडर्स ऑफ़ ह्यूमन राइट्स सेंटर और लेबनान के मुसलमान उल्मा ने बहरैन में मस्जिदों की अवमानना के खिलाफ शनिवार को लेबनान में एक विरोध सभा का आयोजन किया.....

मनामाः बहरैन के डिफ़ेंडर्स ऑफ़ ह्यूमन राइट्स सेंटर और लेबनान के मुसलमान उल्मा ने बहरैन में मस्जिदों की अवमानना के खिलाफ शनिवार को लेबनान में एक विरोध सभा का आयोजन किया। बहरैन में मस्जिदों का गिराना धार्मिक और मानवीय अपराध नामक इस बैठक में शिया सुन्नी उल्मा ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।समाचार नूर की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन के डिफ़ेंडर्स ऑफ़ ह्यूमन राइट्स सेंटर और लेबनान के मुसलमान उल्मा ने बहरैन में मस्जिदों की अवमानना के खिलाफ बीते कल लेबनान में एक विरोध सभा का आयोजन किया। इस विरोध सभा का शीर्षक बहरैन में मस्जिदों का विध्वंस धार्मिक और मानवीय अपराध था।इस विरोध सभा में मज़हबी हस्तियां और सियासी पार्टियों के प्रतिनिधियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।लेबनान की उल्मा काउंसिल के प्रमुख शेख क़ाजी अहमद ज़ैन ने इस सभा को संबोधित करते हुए कहा बहरैन में मस्जिदों का विध्वंस बहरैनी तानाशाही की शर्मनाक कार्यवाही है।लेबनान के प्रमुख आलिमे दीन ने मस्जिदों के विध्वंस को जाहेलीयत के ज़माने की कार्यवाहियों जैसा बताया। लेबनान के ही एक और आलिमे दीन यूसुफ रबीअ ने कहाः बहरैन में मस्जिदों के विध्वंस के अपराध में खुद बहरैनी तानाशाही शामिल है।.........166