3 अप्रैल 2013 - 19:30

हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा मकारिम शीराज़ी ने आज सुबह क़ुम में मस्जिदे आज़म में अपने क्लास के आरंभ में सऊदी में शिया उल्मा को जेल में बंद करने और उनके बारे में ऑले सऊद की अपमानजनक कार्यवाहियों की निंदा करते हुए कहाः प्राप्त सूचना के अनुसार हाल में सऊदी सरकार ने बहुत सारे शियों पर बेजा सख्तियाँ करना और जासूसी टीम का खुलासा करने के बहाने एक नया प्रचार शुरू किया है.....

अहलेबैत (अ.) समाचार एजेंसी अबनाः हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा मकारिम शीराज़ी ने अरबिस्तान के बुजुर्ग और महान आलिमे दीन हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन शेख नम्र बाक़िर अल-नम्र पर मुक़द्दमे को ऑले सऊद का एक नया प्रोपगंडा बताते हुए उन्हें और इस मुल्क के दूसरे उल्मा और विद्वानों को किसी तरह के नुक़सान पहुंचने से सऊदी अधिकारियों को चेतावनी दी।हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा मकारिम शीराज़ी ने आज सुबह क़ुम में मस्जिदे आज़म में अपने क्लास के आरंभ में सऊदी में शिया उल्मा को जेल में बंद करने और उनके बारे में ऑले सऊद की अपमानजनक कार्यवाहियों की निंदा करते हुए कहाः प्राप्त सूचना के अनुसार हाल में सऊदी सरकार ने बहुत सारे शियों पर बेजा सख्तियाँ करना और जासूसी टीम का खुलासा करने के बहाने एक नया प्रचार शुरू किया है।उन्होंने सऊदी अदालत में नम्र बाक़िर अल-नम्र की फांसी की सज़ा की मांग की ओर इशारा करते हुए कहा सऊदी अधिकारियों का एक नया प्रोपगंडा है यहाँ तक अरबिस्तान के विश्वविद्यालयों के उस्तादों और विद्वानों ने भी इस बात को स्वीकार किया है।हज़रत आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी ने सऊदी सरकार की ओर से होने वाले दुर्व्यवहार के कारणों की व्याख्या करते हुए कहा सऊदी सरकार पर आंतरिक रूप से दबाव है कि देश में सुधार आना चाहिए क्योंकि जनता जाग चुकी हैं और उनका ज्ञान स्तर ऊँचा हो चुका है और वह लोकतांत्रिक सरकार बनाने की मांग कर रहे हैं जो उनका अधिकार है।उन्होंने कहा सऊदी अरब के अलावा भी हम देख रहे हैं कि अन्य देशों में भी इस्लामी बहारे आई हैं साम्राज्यवादी सरकारों का पतन हो चुका हैं या हो रहा हैं। सऊदी भी बहरैन, सीरिया और यमन में हार खा चुके हैं, इस आधार पर सऊदी सरकार ने सार्वजनिक विचारों को बहकाने के लिए इस तरह के प्रोपगंडों को शुरू किया है। और इस बहाने से हमने जासूसों के एक दल को हिरासत में लिया है यह प्रयास कर रहे हैं कि लोगों के विचारों को झूठमूठ में दूसरी ओर मोड़ दें और देश की सभी संकटों को शियों की गरदनों पर डाल दें।इस मरजा-ए-तक़लीद ने देश के शिया उल्मा विशेषकर नम्र बाक़िर अल-नम्र को किसी तरह का नुक़सान पहुंचने से ऑले सऊद को चेतावनी देते हुए बल दिया: सऊदी अधिकारियों को जान लेना चाहिए कि इस देश के शिया अकेले नहीं हैं अगर उन्हें किसी तरह का खतरा हुआ अगर उन्हें किसी प्रकार की मुश्किल हुई तो पूरी दुनिया के शिया और गैर शिया चुप नहीं बैठेंगे।हज़रत आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी ने कहा ऑले सऊद अधिकारी यह न सोचें कि उनके खिलाफ अदालत ने आदेश जारी कर दिया तो कोई उन्हें पूछने वाला नहीं होगा। सऊदी अधिकारी यह जान लें कि वहाबियों के अलावा सभी मुसलमान इस मुद्दे पर चुप नहीं रहे हैं।शियों के मरजा-ए-तक़लीद ने सऊदी सरकार की ईरानी ज़ाएरीन के प्रति दुर्व्यवहार की ओर इशारा करते हुये कहाः यह दुर्व्यवहार केवल जन्नतुल बक़ीअ में ही नहीं बल्कि मस्जिदुन नबी (स.अ) के अंदर भी अंजाम पाते हैं और ईरानी ज़ाएरीन विशेष कर ईरानी उल्मा का अपमान किया जाता है।हज़रत आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी ने इस तरह की सभी गतिविधियों की निंदा करते हुए कहा: क्या कोई नहीं है जो सऊदी शासकों से पूछे कि क्या यह लोग अल्लाह के मेहमान नहीं हैं।उन्होंने कहा: अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार अगर कोई व्यक्ति किसी देश का वीज़ा लेकर उस देश में सफर करता है तो वह वहां का मेहमान होता है और उस देश की जिम्मेदारी है कि वह उसकी जान व माल की रक्षा करे। तुम लोगों को अपमान करने की अनुमति किसने दी?हज़रत आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी ने इस तरह की सभी कार्यवाहियों को धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताते हुए स्पष्ट किया हम कई बार कह चुके हैं कि तुम लोग यह सोचते हो कि मक्का, मदीना, मस्जिदुन नबी (स.अ), मस्जिदुल हराम... तुम लोगों की व्यक्तिगत सम्पतियाँ हैं कि तुम लोग जैसा चाहो वैसा करो? यह पवित्र स्थान सभी मुसलमानों से सम्बंधित हैं, वहाबियों के अलावा दुनिया के सभी मुसलमान इन स्थलों और क़ब्रों के ज़ियारात को मुस्तहब समझते हैं।हज़रत आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी ने सभी मुसलमानों से यह मांग करते हुए कि एक संगठन बनाया जाए जो पवित्र स्थानों पर निरीक्षण रखे, कहा उम्मीद है कि एक दिन ऐसा आए कि ओ आई सी की तरफ से एक समिति का गठन किया जाए जो हरमैने शरीफ़ैन पर निरीक्षण रखे। उसकी दलील भी स्पष्ट है, जो चीज़ सभी मुसलमानों से सम्बंधित है जरूरी है कि सभी मुसलमान उस पर कंट्रोल रखते हों।