12 जनवरी 2013 - 19:30

गुरुवार को पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में सिया समुदाय और सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किये गए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों में शहीद होने वाले अधिकांश शिया समुदाय के परिजनों ने उन्हें दफ़नाने से इनकार कर दिया है....

गुरुवार को पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान की  राजधानी क्वेटा में सिया समुदाय और सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किये गए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों में शहीद होने वाले अधिकांश शिया समुदाय के परिजनों ने उन्हें दफ़नाने से इनकार कर दिया है।
क्वेटा के पीड़ित शिया समुदाय की मांग है कि शहर में सेना तैनात की जाए।
पाकिस्तान शिया काउन्सिल के आहवान पर हो रहे विशाल प्रदर्शनों में भारी संख्या में लोग शामिल हैं और शहर की सड़कें जाम हैं।
प्राप्त समाचारों के अनुसार, घटना में शहीद होने वाले शिया मुसलमानों के ताबूत सड़कों पर रखे हुए हैं और प्रदर्शनकारी तब तक अपनी जगह पर जमे रहने की बात कर रहे हैं जब तक की उनकी मांग नहीं मानी जाती।
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान और ख़ैबर पख्तूनख्वाह प्रांतों में आतंकवादी बम धमाकों में मरने वालों की संख्या 130 से अधिक हो गई है। वहीं, इन हमलों में क़रीब 300 लोग घायल हुए हैं।
चरमपंथी वहाबी गुट 'लश्कर-ए-झंगवी' ने इन आतंकवादी हमलों की ज़िम्मेदारी ली है।
प्रतिबंधित आतंकवादी गुट लश्कर-ए-झंगवी पहले से ही पाकिस्तान के निभिन्न क्षेत्रों में शिया समुदाय के लोगों को निशाना बनाता रहा है।
अंतिम समाचार मिलने तक पाकिस्तान सरकार के दो मंत्री और बलूचिस्तान के गवर्नर प्रांतीय राजधानी क्वेटा में प्रदर्शनकारियों और मृतकों के परिजनों को मनाने के लिए वार्ता कर रहे हैं।

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