4 जनवरी 2013 - 20:30

तेहरान की सेंट्रल नमाज़े जुमा आयतुल्लाह मुवह्हेदी किरमानी की इमामत में अदा की गई। ख़तीब जुमह तेहरान ने लाखों नमाज़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम की धमकियां और पाबंदियां ईरानी क़ौम को तरक़्क़ी और इस्लामी इंक़ेलाब के लक्ष्यों और मक़सदों की राह से नहीं हटा सकतीं.......

तेहरान की सेंट्रल नमाज़े जुमा आयतुल्लाह मुवह्हेदी किरमानी की इमामत में अदा की गई। ख़तीब जुमह तेहरान ने लाखों नमाज़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम की धमकियां और पाबंदियां ईरानी क़ौम को तरक़्क़ी और इस्लामी इंक़ेलाब के लक्ष्यों और मक़सदों की राह से नहीं हटा सकतीं। ख़तीबे जुमा तेहरान ने कहा ईरानी क़ौम अपनी इस्लामी सरकार और इस्लामी इंक़ेलाब के लक्ष्यों, उद्देश्यों और मूल्यों को लेकर सीरियस है। उन्होंने कहा कि विश्व साम्राज्य को जान लेना चाहिए कि ईरानी क़ौम ने इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई की रहनुमाई से, दुश्मनों की साजिशों के सामने घुटने नहीं टीके और न टेकेगी। आयतुल्लाह मुवह्हेदी किरमानी ने कहा कि हमेशा की तरह ईरानी क़ौम और इस्लाम को ही दुश्मनों के मुक़ाबले में जीत नसीब होगी और ईरान दुश्मनों के सभी षड्यंत्रों और दबाव को नाकाम बनाकर साम्राज्यवादी ताक़तों का मुंहतोड़ जवाब देकर उन्हें झुकने पर मजबूर कर देगा। तेहरान की सेंट्रल नमाज़े जुमा के इमाम आयतुल्लाह मुवह्हेदी किरमानी ने कहा दूसरी क़ौमें ईरानी क़ौम और इस्लामी इंक़ेलाब को अपने लिए आइडियल समझती हैं और इस्लामी इंक़ेलाब हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के इंक़ेलाब से निकला है क्योंकि आपका इंक़ेलाब इंसानों के लिए हिदायत व मार्गदर्शन के लिये चिराग़ और इंसानियत को तरक़्क़ी और सौभाग्य की गारंटी करता है। उन्होंने हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम के जन्म और नए ईसवी साल के शुरू होने की मुबारकबाद पेश करते हुए कहा कि पश्चिमी सरकारों को हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम के पद चिन्हों पर चलते हुए अपनी क़ब्ज़ा जमाने वाली पालीसियों और दुनिया में मतभेद फैलाने और दुनिया की शांति को भंग करने की नीति की समीक्षा करनी चाहिए क्योंकि वह बेगुनाह मुल्कों के नरसंहार के अलावा कोई और नतीजा हासिल नहीं हो सका है। तेहरान की नमाज़े जुमा के ख़तीब ने इस्लामी जागरूकता को इलाक़े के देशों में होने वाली महान घटना से के रूप मे बयान किया और उम्मीद ज़ाहिर की कि इस्लामी जागरूकता पश्चिमी मुल्कों के लिए मार्गदर्शक बनेगी जो नैतिक और आर्थिक संकट से पतन के कगार पर पहुंच चुके हैं। आयतुल्लाह मुवह्हदी किरमानी ने कहा कि पश्चिमी देश ख़ासकर अमरीका को चाहिए कि वह सच्चाई को समझते हुए इतिहास और ज़ालिमों और डिक्टेटरों के अंजाम से इबरत हासिल करे और क़ौमों के नरसंहार को छोड़ दें। उन्होंने कहा कि पश्चिमी मुल्कों को चाहिए कि वह इंसानियत, न्याय और अदालत के सिद्धांतों का पालन करके शांति और स्थिरता स्थापित करने की कोशशं करें। तेहरान के ख़तीबे जुमा ने सऊदी अरब सहित कुछ इलाक़ाई देशों की ओर से अमेरिका की पालीसियों के पालन की निंदा करते हुए कहा कि जो मुल्क अमेरिकी पालीसियों का पालन करता है वह अमेरिका के जुर्म में शामिल है। उन्होंने सीरिया संकट के बारे में कहा कि सीरिया में सक्रिय आतंकवादी ऐसी हालत में डेमोक्रेसी के दावे कर रहे हैं कि लोगों के घरों से लूटे हुए सामान पर एक दूसरे का क़त्ल कर देते हैँ। ............. 166