19 अक्टूबर 2012 - 20:30

इस्राईली नौसैनिकों ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में स्वीडेन के जहाज़ एस्टेल पर हमला कर सभी कार्यकर्ताओं को बंधक बना लिया जिसमें पांच सांसद और कनाडा के एक पूर्व सांसद भी सवार थे। इस विमान पर फ़िनलैंड का झंडा लगा था।

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार ग़ज़्ज़ा के लिए सहायता ले जाने वाले स्वीडेन के जहाज़ पर ज़ायोनी नौसैनिकों ने हमला किया। ग़ज़्ज़ा के लिए सहायता ले जाने वाले दल के प्रवक्ता ने इस घटना की ख़बर दी है। इस्राईली नौसैनिकों ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में स्वीडेन के जहाज़ एस्टेल पर हमला कर सभी कार्यकर्ताओं को बंधक बना लिया जिसमें पांच सांसद और कनाडा के एक पूर्व सांसद भी सवार थे। इस विमान पर फ़िनलैंड का झंडा लगा था।स्टाकहोम आधारित ग़ज़्ज़ा अभियान की प्रवक्ता विक्टोरिया स्ट्रैंड ने कहाः एस्टेल पर आक्रमण कर दिया गया। हमें उनकी ओर से फ़ोन से संदेश मिला। विक्टोरिया स्ट्रेंड ने कहाः कुछ समय पूर्व उन्होंने बताया कि नौसैनिक जहाज़ों से उनका पीछा किया जा रहा है किन्तु हम नहीं जानते कि इसके पीछे उनका क्या मतलब है।ज्ञात रहे इस्राईल द्वारा ग़ज़्ज़ा पट्टी के नौसैनिक परिवेष्टन को तोड़ने के लिए एस्टेल जहाज़ इटली की नेपल्ज़ बंदरगाह से 6 अक्तूबर को रवाना हुआ।तेल अविव शासन ने इस जहाज़ के विरुद्ध सैनिक कार्यवाही की धमकी दी है।ज्ञात रहे 31 मई 2010 इस्राईली नौसेना ने ग़ज़्ज़ा जाने वाले जहाज़ के क़ाफ़िले पर भूमध्यसागर में अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र पर आक्रमण किया था जिसके दौरान तुर्की के मवी मरमरा जहाज़ पर सवार 9 तुर्क नागरिक हताहत और 50 अन्य घायल हुए थे।नवंबर 2011 को ज़ायोनी नौसेना ने कनाडा और आयरलैंड की नौका को अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोक कर ग़ज़्ज़ा के लिए चिकित्सा संबंधी सहायता पहुंचने से रोक दी थी।इस्राईली शासन ग़ज़्ज़ा के 17 लाख फ़िलिस्तीनियों को एक स्थान से दूसरे स्थान जाने, सही वेतन वाली नौकरियां करने और उचित स्वास्थय देखभाल और शिक्षा जैसे मूल अधिकारों से वंचित किए हुए है।