अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार ईरान की इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने कहा है कि जो देश राजनीति और सुरक्षा के लिहाज से मज़बूत होता है वही विभिन्न क्षेत्रों में विकास कर आगे बढ़ सकता है। इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने आज उत्तरी ख़रासान के शीरवान शहर में जनता की महान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि साम्राज्य की साजिश विभिन्न देशों में अस्थिरता पैदा करना है। आप ने कहा कि वर्चस्ववादी और आक्रामक देशों की नीति है कि वह देशों में अस्थिरता पैदा करते हैं और उसका नमूना हमारा क्षेत्र और अन्य क्षेत्र हैं। आपने कहा कि वर्चस्ववादी देशों हर मुल्क को ललचाई नज़रों से देखते हैं कि उसके क्षेत्र में अपना वर्चस्व स्थापित करें और वहाँ अस्थिरता पैदा करें।सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने कहा कि बड़ी शक्तियां किसी देश के भीतर या पड़ोसी देशों के बीच मतभेद और लड़ाई झगड़ा पैदा करती हैं ताकि उन देशों की शासन प्रणाली में अस्थिरता आए और इसके परिणाम स्वरूप पश्चिम पर शासन करने वाले हथियारों के कारखाने, उनकी मल्टीनेशनल कंपनियां, ट्रस्ट और आर्थिक केंद्र को लाभ पहुंचता रहे। सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने ईरान में शांति की ओर इशारा करते हुए कहा कि दुनिया के ऐसे हालात के बावजूद ईरान की सरकार ने जनता के विश्वास और दूरदर्शी निगाह की बदौलत एक स्थिर शासन प्रणाली स्थापित की है। आपने कहा कि अगर कोई देश सुरक्षा और स्थिरता रखता हो और देश की सरकार भी शांति से काम करे तो ऐसी क़ौम विभिन्न क्षेत्रों में विकास कर आगे बढ़ सकती है। आपने कहा कि किसी भी देश में शांति लोगों की पहली मांग है और यदि देश बदअमनी व अशांति का शिकार हो और देश में शांति न रहे तो ऐसे देश में शिक्षा, विज्ञान, अर्थव्यवस्था और उद्योग विकास नहीं कर सकते और ऐसा देश राष्ट्रीय सम्मान से भी खाली होगा, न वह विकास कर सकता है और न ही अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकता है।
14 अक्टूबर 2012 - 20:30
समाचार कोड: 356759
ईरान की इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने कहा है कि जो देश राजनीति और सुरक्षा के लिहाज से मज़बूत होता है वही विभिन्न क्षेत्रों में विकास कर आगे बढ़ सकता है.......