अपमानजनक फ़िल्म के विरुद्ध विश्व के कई क्षेत्रों में प्रदर्शनों का क्रम जारी है। पाकिस्तान के डेरा ग़ाज़ी ख़ान में छात्रों ने प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन किए और रैली निकाली। छात्रों ने अमरीका और इस्राईल के विरुद्ध नारे लगाए और फ़िल्म की कड़े शब्दों में निंदा की। दूसरी ओर अपर दीर क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के मध्य होने वाली झड़पों के विरुद्ध जिसमें दो लोग मारे गये थे, व्यापारियों ने हड़ताल कर दी। उधर अपमानजनक फ़िल्म के विरुद्ध प्रदर्शनों के बाद पाकिस्तान के पेशावर विशेषकर कैंट क्षेत्र की सुरक्षा को हाई अलर्ट कर दिया गया है। अमरीका में अपमानजनक फ़िल्म बनने के विरुद्ध पेशावर में प्रदर्शनों का क्रम जारी है जिस पर कैंट क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं के दृष्टिगत अमरीकी वाणिज्य दूतावास के सामने वाली सड़क को एक ओर से बंद कर दिया गया है। वाणिज्य दूतावास के निकट भारी संख्या में पुलिसकर्मी सवार हैं जबकि पेशावर के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस को हाई अलर्ट कर दिया गया है। जबकि भारत नियंत्रित कश्मीर में विभिन्न संगठनों की अपील पर हड़ताल का क्रम जारी है। अमरीका की ओर से अपमानजनक फ़िल्म बनाए जाने के विरुद्ध होने वाली हड़ताल से पूरा जनजीवन अस्त व्यस्त हो कर रह गया। इस अवसर पर हुर्रियत गीलानी गुट ने कहा कि पैग़म्बरे इस्लाम (स) की शान में अपमान, मुसलमानों के लिए असहनीय है और इस संबंध में अपने आक्रोश और क्रोध को व्यक्त उनका उनका धार्मिक दायित्व है। जेकेएलएफ़ के प्रमुख यासीन मलिक ने कहा कि विवादास्पद फ़िल्म को सितंबर के महीने में प्रसारित किया गया जबकि पिछले वर्ष भी पवित्र क़ुरआन का अनादर इसी महीने में किया गया था। उन्होंने कहा कि विश्व में एक सुनुयोजित ढंग से नागरिक युद्ध छेड़ने का षड्यंत्र रचा जा रहा है और यदि सभ्य समाज इसे रोकने के लिए कोई क़दम उठाने में सफल नहीं रहा तो संसार को तबाही से कोई बचा नहीं सकता। ब्रिटेन, लेबनान, तुर्की, जार्डेन, इराक़, सूडान और अफ़ग़ानिस्तान सहित अन्य देशों में भी मुसलमानों ने अमरीकी और यूरोपीय दूतावासों के बाहर प्रदर्शन किए।
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