अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका निवासी एक ज़ायोनी व्यक्ति ने मिस्र से पलायन करके अमेरिका में रह रहे कुछ क़िबती ईसाइयों के साथ अमेरिका के पागल पादरी टेरी जोन्स ने इस्लाम फ़ोबिया का अपना सिलसिला जारी रखते हुए रसूले अकरम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही सल्लम के अपमान व अनादर पर आधारित एक फिल्म बनाई है।इस अपमानजनक फिल्म का नाम "मुसलमनों से दूरी" और "रसूले इस्लाम का जीवन" है जिसे "सैम बासील" नामक डायरेक्टर ने बनाया है और रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही व सल्लम के अपमान पर आधारित कई दृश्य शामिल हैं जिनका उल्लेखकरना सम्भव नहीं है।यह अपमानजनक फिल्म इससे पहले केवल एक बार हॉलीवुड के एक हाल में दिखाई गई है और तय यह था कि कल (11 सितंबर 2012) को 11 सितंबर 2001 की ग्यारहवीं बरसी के अवसर पर मूर्ख अमेरिकी पादरी "टेरी जोन्स" के गिरजाघर में दिखाई जाए लेकिन यह प्रदर्शनी रद्द हो गई।उस मूर्ख पादरी ने 11 सितंबर 2012 को एक अपमानजनक कार्रवाई करते हुए "हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही वसल्लम पर सार्वजनिक अदालत में मुकदमा चलाने का प्रबंध किया और अपने हिसाब से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही व सल्लम पर केस चलाया। तय यह था कि यह फिल्म इस मुक़दमे की सुनवाई के अवसर पर दिखाई जाए।लेकिन फिल्म की औपचारिक प्रदर्शनी के रद्द किए जाने के बावजूद फिल्म साइबर स्पेस पर प्रसारित की गई और क्योंकि यह काम मिस्र के कॉप्टिक शरणार्थियों ने अंजाम दिया है इसलिए इसकी पहला प्रतिक्रिया भी मिस्र में दिखाई दी है जिसके बाद प्रतिक्रियाओं का यह सिलसिला लीबिया और अन्य देशों तक पहुंचा।मुस्लिम, ईसाई और कॉप्टिक हस्तियों ने इस फिल्म की निंदा की और व्हाइट हाउस ने भी निंदा की लेकिन ग़ुस्साई भीड़ ने मिस्र और लीबिया में काहिरा और बिंगाज़ी में अमेरिका के राजनयिक कार्यालयों पर हमले किए और लीबिया में बंदूकधारियों ने अमेरिका के राजदूत और तीन अन्य राजनयिकों या कूटनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी जिसका हालांकि समर्थन नहीं किया जा सकता लेकिन यह एक सच्चाई है कि उग्र लोगों की यह कारवाई अमेरिकियों की भड़काऊ कारवाई और अमेरिकी जायोनियों द्वारा इस्लाम और पैगम्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही सल्लम की शान में गस्ताखी का परिणाम है।यह फिल्म दो घंटे की है लेकिन इसके कुछ मिनटों पर आधारित क्लिप्स (मिस्र के स्थानीय भाषा में डबिंग के साथ) अमेरिका से सम्बंधित वीडियो साइट यू ट्यूब पर प्रसारित किए गए हैं और व्यापक आपत्ति और प्रदर्शनों के बावजूद अभी तक हटाया नहीं हैं। हालांकि यूट्यूब वेबसाइट का दावा है कि वह कभी भी ऐसी चीज़ें प्रसारित नहीं करती है जो सामान्य रूप से हिंसा फैलने का कारण बने।फिल्म प्रोफाइल:नाम: "(Innocence of Muslims) (हज़रत मोहम्मद [स] रसूले इस्लाम की जीवनी)परिदृश्य लेखक, निर्देशक और निर्माता: सैम बासील (Sam Bacile)साल: 2011 संयुक्त राज्य अमेरिकासमय: 120 मिनटवित्तीय सहायता देने वाले: ज़ायोनीनैतिक सहयोग देने वाले: मिस्र के काप्टिक शरणार्थियों का गुट (अमेरिका में काप्टिक सरकार सुप्रीम बोर्ड) का सरग़ना "इसमत ज़कलमेह" न्यायपालिका का काप्टिक वकील "मोरेस सादिक़" क़ुरआने करीम जलाने वाला अमेरिकी पादरी "टेरी जोन्स"।
इस्लाम फ़ोबियाः
पैग़म्बरे इस्लाम (स.) के खिलाफ अमेरिकियों और ज़ायोनियों द्वारा बनाई गई अपमानजनक फिल्म
11 सितंबर 2012 - 19:30
समाचार कोड: 347117
अमेरिका निवासी एक ज़ायोनी व्यक्ति ने मिस्र से पलायन करके अमेरिका में रह रहे कुछ क़िबती ईसाइयों के साथ अमेरिका के पागल पादरी टेरी जोन्स ने इस्लाम फ़ोबिया का अपना सिलसिला जारी रखते हुए रसूले अकरम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही सल्लम के अपमान व अनादर पर आधारित एक फिल्म बनाई है.........