अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी - अबना - की रिपोर्ट के अनुसार ईरान सुन 2010 से आने वाले नौ साल तक गुट निरपेक्ष आंदोलन के तुरोईकाई सदस्य जबकि वर्ष 2012 से 2015 तक आंदोलन का अध्यक्ष होगा।गुट निरपेक्ष आंदोलन के पिछले 15 सम्मेलनों की दास्तान और ईरान के महत्व पर एक नज़रपहला सम्मेलन: बलगराद (युगोस्लाविया), 1-6 सितम्बर 1961;दूसरा सम्मेलन: काहिरा (मिस्र), 5-10 अक्तूबर 1964;तीसरा सम्मेलन: लोसाका (ज़ाम्बिया), 8-10 सितम्बर 1970;चौथा सम्मेलन: अल जज़ीरा (अल्जीरिया), 5-9 सितम्बर 1973;पांचवां सम्मेलन: कोलंबो (श्रीलंका), 16-19 अगस्त 1976;छठा सम्मेलन: ह्वाना (क्यूबा), 3-9 सितम्बर 1979;सातवां सम्मेलन: नई दिल्ली (भारत), 7-12 मार्च 1983;आठवां सम्मेलन: हरारे (ज़िम्बाब्वे), 1-6 सितम्बर 1986,नवां सम्मेलन: बुलगराद (युगोस्लाविया), 4-7 सितम्बर 1989;दसवां सम्मेलन: जकार्ता (इंडोनेशिया), 1-7 सितम्बर 1992;ग्यारहवाँ सम्मेलन: कार्टगीना (कोलम्बिया), 18-20 अक्तूबर 1995;बारहवाँ सम्मेलन: डरबन (दक्षिण अफ्रीका), 2-3 सितम्बर 1998;तेरहवाँ सम्मेलन: क्वालालामपुर (मलेशिया), 20-25 फरवरी 2003;चौदहवाँ सम्मेलन: ह्वाना (क्यूबा), 15-16 सितम्बर 2006;पन्दरहवाँ सम्मेलन: शर्मुश शेख (मिस्र), 11-16 जुलाई 2009;सोलहवां सम्मेलन: तेहरान (ईरान), 26-31 अगस्त 2012.पहला सम्मेलन युगोस्लाविया:गुट निरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देशों का पहला सम्मेलन सितम्बर 1961 को बुलगराद में आयोजित हुआ. गुट निरपेक्ष आंदोलन की पहचान की शर्तों के आधार पर सम्मेलन में 25 देशों को भागीदारी की दावत दी गई. इस दौरान अंतरराष्ट्रीय वातावरण ने - शीत युद्ध का समय और अंतरराष्ट्रीय तनाव - ब्लाकों के संघर्ष का खतरा और तीसरे विश्व युद्ध के शुरुआत का खतरा पैदा कर दिया था. इसलिए सम्मेलन के अधिकांश सदस्यों की ताकीद संधि और शांति सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संधि और सफाई से आपसी मतभेद मिटाने पर थी। आंदोलन में भाग लेने वाले अधिकांश देशों का संबंध जलदी ही स्वतंत्रता पाने वाले और साम्राज्य की कड़वी यादों को अपने मन में लिए हुए देशों से था. यही कारण है कि वह पश्चिम की तुलना में पूर्वी देशों की ओर अधिक आकर्षित दिखाई देते थे।दूसरा सम्मेलन, मिस्र:गु निरपेक्ष आंदोलन का दूसरा शिखर सम्मेलन मिस्र की राजधानी काहिरा में 5 से 10 अक्टूबर तक आयोजित हुआ. इस बैठक में 47 देशों ने भाग लिया था. नए सदस्यों की अधिकांश संख्या ताज़ा स्वतंत्र होने वाले देशों पर आधारित थी. सम्मेलन का मुख्य लक्ष्य विश्व संकट की समीक्षा और शांति की बहाली के लिए संभावित रास्तों की तलाश करना था।तीसरा सम्मेलन, ज़ाम्बिया:यद्धपि तय पाया कि गुट निरपेक्ष आंदोलन का शिखर सम्मेलन हर तीन साल बाद आयोजित हो लेकिन विश्व हालात के मद्देनजर उसका तीसरा सम्मेलन दूसरे सत्र के छह साल बाद यानी वर्ष 1970 में 8 से 10 सितंबर तक ज़ाम्मबिया की राजधानी लोसाका में आयोजित हुआ जिसमें 53 देशों ने भाग लिया। इस सम्मेलन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के साथ सभी राष्ट्रों की स्वतंत्रता, विशेष रूप से अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से में पुर्तगाल के अधीन रहने वाली राष्ट्रों की स्वतंत्रता को अपना विषय बनाया. इसके साथ आर्थिक समस्याओं के बारे में अमीर और गरीब देशों के बीच पैदा होने वाली दरार पर खेद वियक्त किया गया और निर्यात के मामले विकासशील देशों के हिस्से में 50 से 60 प्रतिशत कमी पर ध्यान दिया गया।चौथा सम्मेलन, अल्जीरिया:गुट निरपेक्ष आंदोलन का चौथा सम्मेलन 1973 में 5 से 9 सितंबर तक अल जज़ीरा में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में 75 देशों ने भाग लिया। सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका, Rhodesia, कंबोडिया, कोरिया में जातीय भेदभाव, नदियों के अधिकार और मादक पदार्थों पर चर्चा हुई। इसके अलावा आर्थिक समस्याओं के बारे में चर्चा करते हुए विकसित और विकासशील देशों के संबंधों, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली जैसे विषयों पर विचार विमर्श किया गया।पांचवां सम्मेलन, श्रीलंका:गुट निरपेक्ष आंदोलन का पांचवां शिखर सम्मेलन श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में 1976 में 16 से 19 अगस्त तक आयोजित हुआ जिसमें 86 देशों ने सदस्यों, 9 देशों ने अंतरराष्ट्रीय संस्था के कार्यवाहक और 7 देशों ने मेहमान के रूप में भाग लिया। गु निरपेक्ष आंदोलन में मौजूदा मतभेद इस सम्मेलन में अधिक स्पष्ट रूप से सामने आए और पूरी तरह बैठक में शामिल देश दो समूहों (कट्टरपंथी और संयमी) में विभाजित हो गए। हालांकि मॉडरेट देशों की संख्या अधिक थी जिसमें से अक्सर पश्चिमी देशों के पक्ष में थे इसके बावजूद रेडिकल समूह की संगठित गतिविधियां सम्मेलन के कानून बनाने पर बहुत प्रभावित हुई। इसके बावजूद कोलंबो में लिए जाने वाले फैसलों को अपेक्षाकृत साधारण और कट्टरपंथता से दूर समझना चाहिए. इस बैठक में गुट निरपेक्ष आंदोलन पद के लिए भारी रिकाबत सामने आई जिसकी संख्या 17 से बढ़ाकर 25 कर दी गई थी।
गुट निरपेक्ष आंदोलन का सोलहवाँ शिखर सम्मेलन-73
गुट निरपेक्ष आंदोलन के पिछले 15 सम्मेलनों की दास्तान और ईरान के महत्व पर एक नज़र
27 अगस्त 2012 - 19:30
समाचार कोड: 340598
ईरान सुन 2010 से आने वाले नौ साल तक गुट निरपेक्ष आंदोलन के तुरोईकाई सदस्य जबकि वर्ष 2012 से 2015 तक आंदोलन का अध्यक्ष होगा........