23 जून 2012 - 19:30

मुस्लिम बहुल गांव को चरमपंथियों ने आग लगा दी और पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही जबकि लोग छतों पर चढ़ कर अपनी जान के लिए गुहार लगाते रहे

भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश में चरमपंथियों ने एक गांव को आग लगा दी। और ग्रामवासियों को ज़िंदा ज़िंदा भून डाला और पुलिस तमाशाई बनी देखती रही। भारतीय मीडिया से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सांप्रदायिक उग्रवादियों ने पुलिस टीम की मौजूदगी में जिला प्रताप गढ़ के कुंडला गांव के मुसलमानों के चालीस घर आग कर दिए।उग्र चरमपंथियों ने पूरे गांव को चारों ओर से घेर लिया और घरों को आग लगा दी और सैकड़ों बूढ़े, बच्चे औरतें ज़िंदा ज़िंदा जलकर राख हो गए।सूचना के अनुसार फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी तब तक गांव में प्रवेश नहीं करने दिया गया जब तक सब कुछ जल कर राख नहीं हो गया।रिपोर्ट के अनुसार मुस्लिम बहुल गांव को चरमपंथियों ने आग लगा दी और पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही जबकि लोग छतों पर चढ़ कर अपनी जान के लिए गुहार लगाते रहे जबकि एक बड़ी संख्या आशंका के अंतर्गत पहले ही गांव छोड़ कर जा चुकी थी. यह पूरी घटना सुबह ग्यारह बजे शुरू हुई और जब तक सब कुछ जल कर राख नहीं हो गया भीड़ अपने स्थान से नहीं हटी।बलवाइयों ने लखनऊ इलाहाबाद रोड भी जाम कर दी थी।पुलिस कप्तान और डी एम कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर मौजूद रह कर भी सारा भयंकर दृश्य चुपचाप देखते रहे।बताया जाता है कि सारी घटना पुलिस प्रशासन की लापरवाही और कुछ स्थानीय नेताओं के उकसाने पर हुई. बताया जाता है कि यह घटना एक लड़की के साथ कथित बलात्कार और हत्या के बाद हुई।परन्तु इससे यह प्रश्न अवश्य उत्पन्न होता है कि अगर यह आरोप सही भी हो तो किया उसका दण्ड इतना बड़ा है और अगर यह सही है तो न जाने कितनी लड़कियां बलात्कार का शिकार हुई हैं और बलात्कारी दूसरे धर्म से सम्बंध रखते थे लेकिन बदले की भावना से कभी भी ऐसा नरसंहार नहीं हुआ।उल्लेखनीय है की इस्राईली और वहाबी आतंकवाद को सदैव इस्लामी आतंकवाद लिखने वाली भारतीय मीडिया इस भयंकर आतंकवादी घटना को जनतंत्र का नाम दे रही है। ..........166