11 जून 2012 - 19:30

मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी आले ख़लीफ़ा शासन से प्रसिद्ध बहरैनी कार्यकर्ता नबील रजब की रिहाई की मांग की है.....

मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी आले ख़लीफ़ा शासन से प्रसिद्ध बहरैनी कार्यकर्ता नबील रजब की रिहाई की मांग की है। मध्यपूर्व में ह्यूमन राइट्स वाच के उपनिदेशक जोए स्टॉर्क ने अपने कल के बयान में कहाः बहरैन के सत्ताधारी वर्ग की नीतियों के विरुद्ध बोलने पर नबील रजब के विरुद्ध अधिकारी आपराधिक जांच की आड़ लेकर उन्हें दंडित करना चाहते हैं। वे उनके विरुद्ध सरकार की निरंतर आलोचना करने के कारण दोषारोपण बढ़ा कर अभिव्यक्ति की स्वतंतत्रता के उनके मूल अधिकार का बार बार उल्लंघन कर रहे हैं। ज्ञात रहे बहरैन के आले ख़लीफ़ा शासन ने सामाजिक कार्यकर्ता नबील रजब को 6 जून को आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध सामाजिक साइट ट्वीटर पर कथित आलोचनात्मक संदेश प्रकाशित करने के आरोप में पुनः गिरफ़तार कर लिया कि जिनकी रिहाई की बहरैनी जनता मांग कर रही है। नबील रजब बहरैन के मानवाधिकार केन्द्र के अध्यक्ष और ह्यूमन राइट्स वाच की मध्यपूर्व शाखा की परामर्श समिति के सदस्य भी हैं। ह्यूमन राइट्स वाच के मध्यपूर्व के उपनिदेशक जोए स्टॉर्क ने कहा कि नबील रजब की टिप्पणियों पर राजनैतिक चर्चा होनी चाहिए इसलिए ये टिप्पणियां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के उनके अधिकार के अंतर्गत सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के दोषारोपरण बहरैन के इस दावे का मखौल उड़ाते हैं कि वह अभिव्यक्ति करने वालों को दंडित नहीं करता।...........166