8 जून 2012 - 19:30

प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता नबील रजब की रिहाई की मांग कर रहे लोगों पर आले खलीफा सैनिकों ने ज़हरीली गैस के गोले फेके .........

 प्रेस टी वी की रिपोर्ट के अनुसार प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता नबील रजब की रिहाई की मांग कर रहे लोगों पर आले खलीफा सैनिकों ने हमला बोल दिया और उन पर ज़हरीली गैस के गोले फेके।  दसियों हज़ार बहरैनियों ने शुक्रवार को राजधानी मनामा में प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता नबील रजब की दोबारा गिरफ़्तारी के विरूद्ध शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर उनकी आज़ादी की मांग की। प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे और साथ साथ आले ख़लीफ़ा सरकार की समाप्ति की मांग कर रहे थे। ज्ञात रहे बहरैन के प्रसिद्ध और सक्रिय मानवाधिकार कार्यकर्ता नबील रजब को राजधानी मनामा में गिरफ़तार कर लिया गया था। बहरैन के मानवाधिकार व राजनैतिक कार्यकर्ताओं से मिली सूचना के अनुसार बहरैन के मानवाधिकार केन्द्र के प्रमुख नबील रजब को पिछले सप्ताह मनामा के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय गिरफ़तार कर लिया गया था जब वह लंदन से स्वदेश लौटे थे।  बहरैनी अधिकारियों ने अभी तक उनकी गिरफ़तारी का कारण नहीं बताया है। वास्तव में मानवाधिकार कार्यकर्ता नबील रजब आले ख़लीफ़ा शासन के मुख्य आलोचक हैं। वर्तमान कुछ महीनों में बहरैन के आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध प्रदर्शनों में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है। नबील रजब को ऐसे समय गिरफ़तार किया गया है जब बहरैन में लगातार सउदी समर्थित बहरैनी पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही जनता का दमन किया जा रहा है।  ज्ञात रहे बहरैन में फ़रवरी 2011 से जनक्रान्ति जारी है। बहरैनी जनता इस देश की सत्ता पर दो सौ तीस वर्षों से अधिक समय से क़ब्ज़ा जमाए आले ख़लीफ़ा शासन से सत्ता से हटने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है।.............166