12 मार्च 2012 - 20:30

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने तेल के विषय पर विचारधारा में परिवर्तन की आवश्कयता पर बल दिया है.........

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने तेल के विषय पर विचारधारा में परिवर्तन की आवश्कयता पर बल दिया है। वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने आज सोमवार को तेल उद्योग के अधिकारियो से भेंट में उन्हें ईरानी राष्ट्र के गौरवशाली कर्मियों की संज्ञा दी और कहा कि देश की प्रतिदिन की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए तेल की आय को ख़र्च करना आतार्किक और वास्तविक हानि है। वरिष्ठ नेता ने वतर्मान परिस्थितियों में तेल की आय को तेल से समृद्ध अधिकांश देशों की कमज़ोरी बताया और कहा कि जो देश अपने तेल पश्चिमी कंपनियों की आवश्यकताओं और नीतियों के अनुसार बेचते हैं और इस संदर्भ में स्वदेशी तकनीक के लिए प्रयास नहीं करते उन देशों के शासकों की जेबें शायद भरी हों किंतु वास्तविक लाभ उन्हें नहीं मिलने वाला क्योंकि एक दिन उन का तेल समाप्त हो जाएगा जिसके बाद उनका देश एक वीराना बन जाएगा। वरिष्ठ नेता ने तेल को देश की शक्ति बनाने के परिणामों पर चर्चा करते हुए कहा कि हमें एसे क़दम उठाने चाहिए जिसके आधार पर यह संभव हो जाए कि हम हर स्थिति में जब चाहे तेल की बिक्री, उसके उत्पादन की मात्रा जैसे विषयों पर स्वंय निर्णय ले सकें और निश्चित रूप से इस मार्ग पर हम काफी आगे बढ़ चुके हैं और भविष्य में इस्लामी गणतंत्र ईरान का यह उद्देश्य पूरा हो जाएगा। ..........166