भारतीय मुसलमान नेताओं ने इस देश के प्रसिद्ध पत्रकार मोहम्मद अहमद काज़मी की गिरफ़तारी की निंदा करते हुए उन्हें रिहा करने की मांग की है।इरना की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को कुल हिन्द मुस्लिम मजलिसे मुशाविरत के नेताओं ने एक बैठक में भारत के प्रसिद्ध पत्रकार मोहम्मद अहमद काज़ेमी की नई दिल्ली में पिछले महीने ज़ायोनी दूतावास के निकट एक कार बम के विस्फोट के मुख्य अभियुक्त की सहायता करने में संलिप्तता के संदेह में गिरफ़तारी की निंदा की। कुल हिन्द मजलिसे मुशावेरत की ओर से जारी बयान में आया है कि भारतीय पत्रकार संघ के इस वरिष्ठ सदस्य की बिना किसी सुबूत के गिरफ़तारी भारतीय मुसलमानों के लिए अस्वीकार्य है और उन्हें तुरंत स्वतंत्र किया जाए। ज्ञात रहे भारतीय पत्रकार मोहम्मद अहमद काज़मी पश्चिमी साम्राज्य व इस्राईल के अत्याचारों के विरुद्ध लेख लिखते रहे हैं और रेडियो तेहरान की हिन्दी सेवा के रिपोर्टर भी हैं। इस्राईल ने पिछले महीने इस घटना के तुरंत बाद बिना किसी सुबूत के ईरान के हाथ होने का आरोप लगाया था। यह ऐसी स्थिति में है कि विश्व में सबसे बड़े आतंकवादी इस्राईल द्वारा ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या व निर्दोष फ़िलिस्तीनियों का जनसंहार किसी से छिपा नहीं है। इस बीच दिल्ली से प्रकाशित मिल्ली गज़ेट के संपादक ज़फ़रूल इस्लाम ख़ान ने उन मीडिया रिपोर्टों को निराधार बताया है जिनमें यह कहा जा रहा है कि मोहम्मद अहमद काज़ेमी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया है। जफ़रुल इस्लाम ख़ान ने मोहम्मद अहमद काज़ेमी के परिवार के सदस्यों से अपनी भेंटवार्ता का हवाला देते हुए कहा कि इस प्रकार की रिपोर्टें निराधार हैं।...........166
7 मार्च 2012 - 20:30
समाचार कोड: 301378
भारतीय मुसलमान नेताओं ने इस देश के प्रसिद्ध पत्रकार मोहम्मद अहमद काज़मी की गिरफ़तारी की निंदा करते हुए उन्हें रिहा करने की मांग की है..........