9 फ़रवरी 2012 - 20:30

तेहरान के इमामे जुमा ने कहा है कि ग्यारह फ़रवरी की तिथि इस्लामी क्रांति की सफलता की तारीख़ है। उन्होंने कहा कि ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता शताब्दी का एक एसा चमत्कार है...

आज तेहरान में नमाज़े जुमा हुज्जुल इस्लाम काज़मी सिद्दीक़ी ने पढ़ाईं। तेहरान के इमामे जुमा ने कहा है कि ग्यारह फ़रवरी की तिथि इस्लामी क्रांति की सफलता की तारीख़ है। उन्होंने कहा कि ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता शताब्दी का एक एसा चमत्कार है जिसे स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने जनता की सहायता से व्यवहारिक बनाया। उन्होंने कहा ईरान की इस्लामी क्रांति एक जनक्रांति थी। उन्होंने कहा कि ग्यारह फ़रवरी का दिन इस्लाम और न्याय की सफलता का दिन है जिसके परिणाम स्वरूप ईरानी जनता ने साम्राज्यवाद के चुंगल से स्वतंत्रता प्राप्त की। हुज्जतुल इस्लाम सिद्धीक़ी ने कहा कि इस्लामी क्रांति की सफलता पर निकाली जाने वाली रैलियों में जनता की एतिहासिक उपस्थिति जहां एक ओर प्रतिबंधों को प्रभावहीन सिद्ध करेगी वहीं इस बात को भी सिद्ध करेगी कि ईरानी जनता सफलता तक पहुंचने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन रैलियों में जनता की भारी उपस्थिति से शत्रु पुनः क्रोधित होगा। हुज्जतुल इस्लाम सिद्धीक़ी ने ईरान के विरुद्ध प्रतिबंध लगाने और ईरानी राष्ट्र को डराने धमकाने पर आधारित पश्चिमी देशों की कर्यवाहियों के बारे में कहा कि यह कोई नई चीज़ नहीं है और ईरानी राष्ट्र ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह शत्रुओं की धमकियों के सामने नतमस्तक नहीं होगा। उन्होंने इसी प्रकार क्षेत्र के जनान्दोलनों की पहली वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए इन घटनाओं को भी ईश्वरीय चमत्कार बताया जिसके परिणाम स्वरूप चार तानाशाह सदा के लिए सत्ता सुख से वंचित हो गए।  ..........166