30 जनवरी 2012 - 20:30

आज कुछ लोग दीन के ज़रूरियात को आपस में टकरा रहे हैं और ऐसे लोग हक़ीक़त में मक़सदे हुसैन को क़त्ल कर रहे हैं.....

आज शियों के ग्यारहवें इमाम हसन असकरी का शहादत का दिन है। आज एक ऐसा अवसर है। आज ही के दिन सन २६० हिजरी क़मरी में अत्याचारी अब्बासी शासक के हाथों इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम शहीद किये गए। इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की शहादत के मौक़े पर ईरान के पवित्र शहर क़ुम में इल्मे दीन हासिल कर रहे तुल्लाब भी मजलिस व मातम में मसरूफ़ हैं। इसी सिलसिले की एक मजलिस में हि्दुस्तान के मशहूर ख़तीब मौलाना मुराद रेज़ा साहब ने इमाम हुसैन के किरदार पर रौशनी डाली।उन्होंने कहा कि आज कुछ लोग दीन के ज़रूरियात को आपस में टकरा रहे हैं और ऐसे लोग हक़ीक़त में मक़सदे हुसैन को क़त्ल कर रहे हैं और याद रहे मक़सद को क़त्ल करने वाले ज़ात को क़त्ल करने वालें से ज़्यादा खतरनाक होते हैं।

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