11 जनवरी 2012 - 20:30

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता रामीन मेहमान परस्त ने कहा है कि ज़ायोनी शासन और उसके समर्थक बुद्धिजीवियों की हत्या करके ईरानी राष्ट्र की प्रगति को नहीं रोक सकते......

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता रामीन मेहमान परस्त ने कहा है कि ज़ायोनी शासन और उसके समर्थक बुद्धिजीवियों की हत्या करके ईरानी राष्ट्र की प्रगति को नहीं रोक सकते। उन्होंने तेहरान विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर मुस्तफ़ा अहमदी रोशन की हत्या की आलोचना की और ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या में पश्चिम के अर्थपूर्ण मौन की ओर संकेत करते हुए स्पष्ट किया कि ज़ायोनी शासन और उसके समर्थक अपने अपराधों के संबंध में ईरानी राष्ट्र के समक्ष उत्तरदायी हैं और उन्हें अपनी ज़िम्मेदारी को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान अपने परमाणु वैज्ञानिकों के मामले को अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में उठाएगा। दूसरी ओर इस्लामी क्रांति हित संरक्षक बल सिपाहेपासदारान ने भी इस घटना की निंदा की। सिपाहेपासदारान के बयान में आया है कि विकास और प्रगति की चोटियों को सर करने के लिए लिए ईरान का वैज्ञानिक आंदोलन रूकने वाला नहीं है। ज्ञात रहे कि एक मोटरसाइकिल पर सवार आक्रमणकारी ने अल्लामा तबातबाई विश्वविद्यालय की एक फैकेल्टी के निकट एक कार पर बम चिपका दिया जिसके बाद होने वाले धमाके में प्रोफेसर मुस्तफ़ा अहमदी रौशन शहीद हो गये।

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