राष्ट्रों के मध्य ईद, परंपराओं को जीवित करने, और भविष्य निर्धारण के दिनों की याद को दोहराने का दिन है।आज ईद मुबाहला है। अरबी भाषा में मुबाहिला वस्तुतः बहल शब्द से बना है जिसका अर्थ होता है मुक्त कर देना अथवा किसी वस्तु से हर प्रकार की शर्त हटा लेना किंतु यहां पर मुबाहला का अर्थ एक दूसरे के लिए ईश्वरीय दंड की दुआ करना है। नजरान क्षेत्र के ईसाईयों के धार्मिक नेता एक चटान के ऊपर जाते हैं। बुढ़ापे के कारण उनके जबड़े और सफ़ेद दाढ़ी के बालों में कंपन है। वह कांपती हुई आवाज़ में कहते हैं कि मेरे विचार में मुबाहिला करना उचित नहीं होगा। यह पांच तेजस्वी चेहरे जिन्हें मैं देख रहा हूं यदि दुआ कर देंगे तो धरती में धंसे पहाड़ उखड़ जाएंगे। यदि मुबाहिला हुआ तो हमारा विनाश निश्चित है और यह भी आशंका है कि ईश्वरीय प्रकोप समूचे संसार के ईसाई समुदाय को अपनी चपेट में ले ले।अतः हम भी सभी मुसलमानों की सेवा में इस पावन अवसर पर हार्दिक बधाई प्रस्तुत करते हैं।.......166
20 नवंबर 2011 - 20:30
समाचार कोड: 279475
राष्ट्रों के मध्य ईद, परंपराओं को जीवित करने, और भविष्य निर्धारण के दिनों की याद को दोहराने का दिन है.....