सीरिया की संविधान संकलन समिति के अधिकारियों ने इस देश के नागरिकों के बेहतर भविष्य के लिए सीरियाई अधिकारियों के निरंतर प्रयास की सूचना दी है। इस समिति की सदस्य सुश्री अमल अलयाज़्ची ने कहा कि इस समिति का ध्यान समाज के सभी वर्गों पर है और सीरियाई सरकार ने संविधान संकलन समिति के सामने किसी प्रकार की सीमित्ताएं खड़ी नहीं की हैं। सुश्री अलयाज़्ची ने इस बात पर बल देते हुए कि विदेशी दबाव का संविधान संकलन समिति के कार्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा कहा कि इस समिति की कार्यसूचि में केवल राष्ट्रवाद है और यह सीरियाई जनता व राष्ट्र के हितों को महत्व देगी। सीरिया की संविधन संकलन समिति की इस सदस्य ने स्पष्ट किया कि इस देश के नए संविधान के बारे में निर्णय का दायित्व जनता पर होगा क्योंकि नया सविंधान ऐसा होना चाहिए जिससे बहुमत संतुष्ट हो। सीरियाई राष्ट्रपति बश्शार असद ने संविधान संकलन समिति को संविधान में सुधार व मार्च 2012 में चुनाव आयोजित करने की पृष्ठिभूमि तय्यार करने का दायित्व सौंपा है ताकि नए राजनैतिक दल भाग ले सकें। सीरिया के राजनेता व विधि विशेषज्ञ संविधान संकलन समिति के गठन को इस देश में सुधार की दिशा में नए क्षितिज खुलने का आधार मान रहे हैं। इन नेताओं ने सभी राजनैतिक दलों से सरकार की सुधार से संबंधित योजनाओं में सहयोग की अपील की है ताकि ये योजनाएं सफल हो सकें। इस समिति को नए संविधान के संकलन का दायित्व पूरा करने के लिए चार महीने का समय दिया गया है। पर्यवेक्षकों का मानना है कि सीरिया में नए संविधान के संकलन व उसके पारित होने से यह देश ऐसे चरण में प्रविष्ट होगा जिसमें तीनों पालिकाओं के बीच संतुलन व राजनैतिक क्षेत्र में जनता की व्यापक भागीदारी होगी। सीरिया के सबसे बड़े मुफ़्ती अहमद बदरुद्दीन हसून ने भी बल दिया कि बश्शार असद जबसे राष्ट्रपति बने हैं उस समय से वे निरंतर सुधार कर रहे हैं किन्तु शत्रुओं ने इस देश में अशांति व संकट पैदा करने तथा इस देश को प्रगति से रोकने का निरंतर कुप्रयास किया। सीरिया के सबसे बड़े मुफ़्ती ने विश्वासियों से अपील की कि वे सीरिया में मौजूद वास्तविकताओं की ओर ध्यान दें ताकि इस देश के बारे में कुछ अरब व पश्चिमी मीडिया के निराधार दावों की वास्तविकता को समझ सकें।(एरिब डाट आई आर के धन्यवाद के साथ)

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