ईरान के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के साथ भेंट में मनुष्यों के मूल अधिकारों के सम्मान तथा विदेशी हस्तक्षेप के बिना मानव समाज की समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया है।डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने कल बान की मून से भेंट में मध्यपूर्व तथा उत्तरी अफ़्रीक़ा के क्षेत्र की समस्याओं में नैटो के हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का विदेशी हस्तक्षेप, क्षेत्र में अस्थिरता एवं तनाव का कारण बनेगा और यदि अतिग्रहणकारी सैनिक क्षेत्र से बाहर निकल जाएं तो क्षेत्रीय देश स्वयं अपनी शांति व सुरक्षा को सुनिश्चित बना सकते हैं। ईरान के राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने इसी प्रकार ईरान के परमाणु मामले के संबंध में वार्ता जारी रहने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री अहमदी नेजाद ने कहा कि परमाणु ऊर्जा की अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी को हर प्रकार के राजनैतिक दबाव से दूर रहते हुए क़ानून के अनुसार काम करना चाहिए। उन्होंने राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के ढांच की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि विश्व के लोगों को यह अपेक्षा है कि सुरक्षा परिषद तथा संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव, राष्ट्रों पर होने वाले अत्याचारों व अन्याय की समाप्ति के लिए काम करेंगे। इस भेंट में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून ने क्षेत्रीय व वैश्विक मामलों में ईरान की प्रभावी भूमिका की ओर संकेत करते हुए क्षेत्र विशेष कर इराक़ व अफ़ग़ानिस्तान में शांति व सुरक्षा की स्थापना में इस्लामी गणतंत्र ईरान के प्रयासों व सहयोग की सराहना की। समाचार समाप्त........166
25 सितंबर 2011 - 20:30
समाचार कोड: 267771
ईरान के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के साथ भेंट में मनुष्यों के मूल अधिकारों के सम्मान तथा विदेशी हस्तक्षेप के बिना मानव समाज की समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया है....