24 सितंबर 2011 - 20:30

चुनाव के बहिष्कार की मांग कर रहे विपक्षी दलों व जनता का आले ख़लीफ़ा शासन द्वारा बड़ी निर्ममता से दमन जारी है.........

बहरैन में आज ऐसी स्थिति में 18 संसदीय सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं जब चुनाव के बहिष्कार की मांग कर रहे विपक्षी दलों व जनता का आले ख़लीफ़ा शासन द्वारा बड़ी निर्ममता से दमन जारी है। आज जिन 18 संसदीय सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं उन्हें फ़रवरी में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध सरकार द्वारा दमनात्मक कार्यवाही के विरोध में इस देश के सबसे बड़े विपक्षी धड़े अलविफ़ाक़ ने छोड़ दिया था। सउदी अरब का समर्थन प्राप्त बहरैनी सैनिक पूरे बहरैन में बल प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि विपक्षी कार्यकर्ताओं के साथ और झड़प की संभावना है। राजधानी मनामा के पर्ल स्कवाएर पर उपद्नव नियंत्रण बल के जवान बड़ी संख्या में मौजूद हैं और उन्होंने मुख्य क्षेत्रों में चौकियां बना दी हैं और गश्त कर रहे हैं। बहरैन में अनेक राजनैतिक दलों ने चुनाव के बहिष्कार की बात कही है। ज्ञात रहे शुक्रवार को मनामा में आले ख़लीफ़ा शासन के सैनिकों ने विपक्षी प्रदर्शनकारियों पर इस लिए आक्रमण किया क्योंकि वे चुनाव के बहिष्कार का आह्वान कर रहे थे। कल सैकड़ों की संख्या में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने पर्ल स्कवाएर की ओर कूच किया। आले ख़लीफ़ा शासन के सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों को पर्ल स्कवाएर पहुंचने से रोकने के लिए उन पर आंसू गैस के गोले फेंके। अपुष्ट रिपोर्टों में कई लोगों के घायल व गिरफ़तार किए जाने का समाचार है। ज्ञात रहे दशकों से बहरैन की सत्ता पर क़ब्ज़ा जमाए आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध फ़रवरी के मध्य से जनक्रान्ति जारी है जिसके दौरान दर्जनों व्यक्ति हताहत और सैकड़ों घायल हो चुके हैं। समाचार समाप्त.......166