तेहरान के इमामे जुमा ने कहा है कि क्षेत्र में इस्लामी जागरूकता की लपटें तानाशाहों के पतन और साम्राज्यवाद विरोधी भावनाओं में तीव्रता आने का कारण बनी हैं।आज तेहरान की नमाज़े जुमा आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी की इमामत में अदा की गई। उन्होंने नमाज़े जुमा के ख़ुत्बों में बल देकर कहा कि क्षेत्र में इस्लामी जागरुकता की पवित्र लहरें तानाशाहों के सिंहासनों को उखाड़ रही हैं और साम्राज्यवाद विरोधी भावनाओं को सुदृढ़ बना रही हैं। उन्होंने कहा कि मिस्र की जनता द्वारा क़ाहिरा में ज़ायोनी दूतावास पर क़ब्ज़ा, ज़ायोनी शासन के राजदूत और दूतावास के अन्य ७१ कर्मचारियों का फ़रार होना और इसी प्रकार जार्डन से इस्राईल के राजदूत का बदले हुए कपड़ों में फ़रार होना ज़ायोनी शासन के लिए अत्यधिक अपमान का कारण है। आयतुल्लाह ख़ातेमी ने कहा कि मिस्र तथा जार्डन की जनता की इन व्यवहारिक कार्यवाहियों में विश्व के स्वतंत्रता प्रेमियों के लिए यह संदेश निहित है कि वे अमरीकी साम्राज्य और उसके पिट्ठु ज़ायोनी शासन के विरुद्ध उठ खड़े हों। उन्होंने कहा कि क्रांतिकारियों ने यह घोषणा करके कि उनका आन्दोलन इस्लामी आन्दोलन है जिसका लक्ष्य इस्लामी प्रजातंत्र की स्थापना है, अमरीका को दहला दिया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस्लामी जागरूकता की यह लहर क्षेत्र के सभी तानाशाहों के पतन तक जारी रहेगी।समाचार समाप्त.........166
15 सितंबर 2011 - 19:30
समाचार कोड: 265934
तेहरान के इमामे जुमा ने कहा है कि क्षेत्र में इस्लामी जागरूकता की लपटें तानाशाहों के पतन और साम्राज्यवाद विरोधी भावनाओं में तीव्रता आने का कारण बनी हैं....