लेबनान के विदेशमंत्री ने इस्राईल की विस्तारवादी कार्यवाहियों को लेबनान और विश्व समुदाय के लिए ख़तरनाक बताया है। अदनान मंसूर ने राष्ट्रसंघ के महासचिव बान की मून के नाम एक पत्र लिखकर इस संबंध में बल देकर कहा है कि इस्राईल ने अपनी समुद्री सीमा के लिए राष्ट्रसंघ को जो मानचित्र भेजा है उससे लेबनान के समुद्री अधिकारों का हनन होता है। लेबनानी अधिकारियों ने बल देकर कहा है कि इस्राईल ने जो मानचित्र पेश किया है उसमें लेबनान की लगभग ८६० किलीमीटर समुद्री सीमा का अतिग्रहण किया गया है और व्यवहारिक रूप से लेबनान के तेल व गैस स्रोत इस्राईल के वर्चस्व में चले जायेंगे। राजनीतिक टीकाकारों का मानना है कि लेबनानी स्रोतों को अपने नियंत्रण में करने हेतु इस्राईल की नई विस्तारवादी कार्यवाहियों का आरंभ हो चुका है। लेबनान की जल, थल और वायु सीमा का इस्राईल द्वारा अतिक्रमण राष्ट्रसंघ और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नम्बर ४२५ और १७०१ का खुला उल्लंघन है जिसमें कहा गया है कि इस्राईल इस प्रकार की कार्यवाहियों से दूर रहे। यह ऐसी स्थिति में है जब लेबनान ने इस्राईल की अतिक्रमणकारी कार्यवाहियों की राष्ट्रसंघ में बारम्बार शिकायत की है परंतु राष्ट्रसंघ के कमज़ोर दृष्टिकोण और अमेरिका एवं पश्चिमी सरकारों द्वारा इस्राईल का समर्थन, इस बात का कारण बना है कि लेबनान के विरुद्ध ज़ायोनी शासन की विस्तार वादी कार्यवाहियां जारी रहें। इस्राईल की विस्तार वादी कार्यवाहियों से एक बार फिर यह वास्तविकता स्पष्ट हो गयी है कि इस्राईल का आधार ही अतिक्रमण, हिंसा, हत्या और देशों के स्रोतों की लूट खसोट पर आधारित है। ऐसी स्थिति में अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन ने लेबनान के तेल व गैस के स्रोतों को हड़पने के लिए राष्ट्रसंघ को ऐसा मानचित्र भेजा है जिससे यह लगे कि लेबनान के तेल व गैस के स्रोत उसके अधीनस्थ क्षेत्र में स्थित हैं ताकि अपनी विस्तारवादी कार्यवाहियों को क़ानूनी दर्शा सके। ज़ायोनी शासन की विस्तारवादी कार्यवाहियां ऐसी स्थिति में हो रही हैं जब लेबनान के शबआ, कफरशूबा और ग़जर क्षेत्र इस्राईल के अतिग्रहण में हैं और वह इन क्षेत्रों से पीछे हटने में आना- काना कर रहा है। ज़ायोनी शासन बारम्बार लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन से पराजय का कटु स्वाद चख चुका है परंतु वर्तमान समय में उसका प्रयास यह है कि लेबनान के जो क्षेत्र उसके अतिग्रहण में हैं उनमें अपनी पकड़ मज़बूत करे ताकि उनमें विस्तारवादी कार्यवाहियां उसके लिए सरल हो सकें। इस स्थिति में लेबनानी अधिकारियों, जनता और सरकार को ज़ायोनी शासन के षडयंत्रों के समक्ष अधिक सावधानी व होशियारी से काम लेने की आवश्यकता है।(एरिब डाट आई आर के धन्यवाद के साथ).समाचार समाप्त.........166........166