सीरिया के कुछ पड़ोसी देशों व पश्चिमी देशों के सीरिया में अशांति के फैलने पर आधारित कूटनैतिक व मीडिया संबंधी दुष्प्रचारों के बावजूद इस देश की सरकार व सेना के प्रयास से इस देश के अशांत नगरों में शांति लौट रही है। सीरिया की सरकार ऐसी स्थिति में इस देश के अनेक नगरों में शांति बहाल करने का प्रयास कर रही है जब पश्चिम सीरिया के भीतर की स्थिति को ज्वलंत रखने का प्रयास कर रहा है। पश्चिम सीरिया पर आर्थिक व राजनैतिक दबावों और इसी प्रकार हमा, दैरुज़्ज़ूर और लाज़ेक़िया सहित इस देश के अनेक नगरों में विरोध की लहर को बाक़ी रख कर बश्शार असद की सरकार को स्थिति को नियंत्रित करने में अक्षम दर्शाना चाहता है। पश्चिम और सीरिया के कुछ पड़ोंसी देशों के उसके विरुद्ध कुप्रयासों के बावजूद सीरिया के अशांत नगरों में सेना की तैनाती से शांति लौट आयी और इस प्रकार पश्चिमी देशों के सीरिया में षड्यंत्र विफल हो गए। पश्चिम और सीरिया के कुछ पड़ोसी देश सीरिया के जिन नगरों में अशांति को सबसे अधिक हवा देने का प्रयास कर रहे थे उनमें से एक दैरुज़्ज़ूर भी है जहां सशस्त्र आतंकवादियों ने अराजकता फैला रखी थी किन्तु इस नगर में भी पश्चिम व सीरिया के कुछ पड़ोंसी देशों के षड्यंत्र विफल रहे और अब इस नगर में शांति लौट आयी है। दूसरी ओर सीरियाई राष्ट्रपति के प्रति इस देश में जनसमर्थन की प्रक्रिया भी जारी है। कल सीरिया के तरतूस नगर की जनता ने बश्शार असद के समर्थन में प्रदर्शन किया। तरतूस की जनता ने सेना के सशस्त्र आतंकवादियों से संघर्ष में बलिदान की सराहना करते हुए एकता बनाए रखने पर बल दिया। तरतूस की जनता ने नारों द्वारा सीरिया के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप के अंत की भी मांग दोहरायी। सीरिया में जनता ने प्रदर्शनों द्वारा इस देश में राजनैतिक व आर्थिक सुधार की मांग की। इस देश की सरकार के क्रमबद्ध रूप से सुधार के प्रयास के बावजूद कुछ गुटों ने, विदेशी तत्वों के इशारे पर प्रदर्शनकारियों की पंक्ति में घुस कर सीरिया के कुछ नगरों को अशांत कर दिया।(एरिब डाट आई आर के धन्यवाद के साथ)..........166