4 जून 2011 - 19:30

लातिन अमरीकी देश चिली के दक्षिण-मध्य इलाके में स्थित पुयेहू कार्दान काले ज्वालामुखी 50 वर्ष तक सुप्त रहने के बाद अचानक सक्रिय हो उठा है और इससे दस किलोमीटर की ऊंचाई तक आसमान में राख फैल गई। एंडीज पर्वत श्रृंखला में स्थित इस ज्वालामुखी से राख और धुएं का गुबार तेजी से निकल रहा है लेकिन अभी तक इससे लावा नहीं निकल रहा है। इससे निकली राख ने एंडीज के आसमान को अपने आगोश में ले लिया है।

लातिन अमरीकी देश चिली के दक्षिण-मध्य इलाके में स्थित पुयेहू कार्दान काले ज्वालामुखी 50 वर्ष तक सुप्त रहने के बाद अचानक सक्रिय हो उठा है और इससे दस किलोमीटर की ऊंचाई तक आसमान में राख फैल गई। एंडीज पर्वत श्रृंखला में स्थित इस ज्वालामुखी से राख और धुएं का गुबार तेजी से निकल रहा है लेकिन अभी तक इससे लावा नहीं निकल रहा है। इससे निकली राख ने एंडीज के आसमान को अपने आगोश में ले लिया है।हवाओं के साथ बहकर यह राख पडोसी देश अर्जेटीना के सीमावर्ती क्षेत्र सैन कार्लोस डिबैरिलोश में भी फैल गई है। चिली के आपात विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि कार्दान काले ज्वालामुखी 50 वर्ष बाद फिर से सक्रिय हो गया है। एक धमाके के साथ यह ज्वालामुखी अचानक फट पड़ा और उससे गेस और राख का गुबार निकलने लगा। यह ज्वालामुखी राजधानी सेंटियागो से 920 किलोमीटर दूर स्थित पेटागोनिया क्षेत्र में स्थित है।स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करीब साढे हजार लोगों को वहां से हटाने का काम शुरू कर दिया है। ज्वालामुखी के सक्रिय होने की वजह से चिली, अर्जेटीना सीमा पर लोगों की आवाजाही भी रोक दी गई है। अर्जेटीना का सीमावत्री हवाई अड्डा भी राख फैलने के कारण बंद करना पड़ा है। इससे पहले यह ज्वालामुखी वर्ष 1960 में सक्रिय अवस्था में था। तीन साल पहले चिली का चैतेन ज्वालामुखी भी हजारों साल बाद सक्रिय हुआ चैतेन ज्वालामुखी से राख और धुएं का इतना भारी गुबार निकला था कि अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता था।