8 नवंबर 2026 - 18:08
ईरान ने अमेरिका के 260 एयरक्राफ्ट मार गिराए, भूमिगत मिसाइल शहरों से बढ़ाई सैन्य ताकत

ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेब्बी ने कहा कि ईरानी रक्षा बलों ने पिछले दो सप्ताह के दौरान सात टोही विमानों को भी रोकने में सफलता हासिल की है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा सामने आया है। ईरान का कहना है कि उसने संघर्ष के दौरान अमेरिकी सेना के 260 एयरक्राफ्ट को निशाना बनाकर मार गिराया है। इनमें F-35, F-16, F-5 और F-18 जैसे लड़ाकू विमान के अलावा MQ-1, RQ-4, ऑर्बिटर और लुकास सहित कई प्रकार के ड्रोन शामिल बताए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेब्बी ने कहा कि ईरानी रक्षा बलों ने पिछले दो सप्ताह के दौरान सात टोही विमानों को भी रोकने में सफलता हासिल की है।

मोहेब्बी के मुताबिक, ईरानी बलों ने सात MQM-170 टोही ड्रोन को बिना किसी नुकसान के अपने नियंत्रण में लेने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने इसे ईरान की तकनीकी क्षमता और रक्षा प्रणाली की उपलब्धि बताया।

IRGC प्रवक्ता का कहना है कि ईरान ने अपनी मिसाइल और ड्रोन निर्माण व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए हैं। उनके अनुसार, सैन्य उत्पादन से जुड़ी कई गतिविधियों को जमीन के ऊपर स्थित केंद्रों से हटाकर भूमिगत ठिकानों पर स्थानांतरित किया गया है।

ईरान का दावा है कि उसकी रणनीति केवल हथियारों और मिसाइलों को सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं है। देश ने अपनी भौगोलिक परिस्थितियों और घरेलू तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए जमीन के काफी नीचे आधुनिक मिसाइल उत्पादन केंद्र विकसित किए हैं।

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इन भूमिगत सुविधाओं का उद्देश्य युद्ध जैसी परिस्थितियों में भी मिसाइलों और ड्रोन का उत्पादन जारी रखना है, ताकि सैन्य ढांचे पर होने वाले हमलों का असर कम किया जा सके।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में भी दावा किया गया है कि अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगियों के साथ लंबे समय से चले आ रहे सैन्य तनाव के बीच ईरान ने अपने रक्षा नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है।

मोहेब्बी ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि भविष्य में एक और सैन्य संघर्ष शुरू होता है, तो दुनिया IRGC की एयरोस्पेस फोर्स की नई क्षमताओं को देखेगी। उन्होंने कहा कि ईरान के विरोधी उसकी सैन्य ताकत और तकनीकी प्रगति को देखकर हैरान रह जाएंगे।

ईरानी सैन्य अधिकारी ने यह भी कहा कि उनका देश अब केवल अपनी घरेलू रक्षा जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा उपकरणों और सैन्य उत्पादों का निर्यात भी कर रहा है।

उनके मुताबिक, रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना ईरान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को युद्ध का नाम देने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस टकराव को कम करके दिखाते हुए कहा कि ईरान के साथ बातचीत और हालात में काफी प्रगति हुई है।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अब पहले की तुलना में अधिक तेल उत्पादन कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब पिछले पांच महीनों में किसी के घायल होने, जान जाने या किसी अन्य तरह के नुकसान की घटना नहीं हुई, तो इसे युद्ध कैसे कहा जा सकता है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। राजनीतिक परिस्थितियों के बीच ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों में नरमी दिखाई देने की चर्चा हो रही है।

हालांकि, ईरान की ओर से अमेरिकी विमानों को मार गिराने और भूमिगत मिसाइल उत्पादन केंद्रों की क्षमता को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। वहीं, अमेरिका और इस्राईल की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया और उपलब्ध तथ्यों का आकलन इस घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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