फ्रांस में जारी विरोध प्रदर्शनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने खाड़ी देशों की अपनी यात्रा शुरू कर दी है। सोमवार को वह कुवैत पहुंचे। उनके इस दौरे में कुवैत के अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरैन और कतर भी शामिल हैं। यह यात्रा 21 अक्टूबर तक चलेगी।
समाचार एजेंसी अनादोलु के मुताबिक, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य खाड़ी देशों के साथ संबंध मजबूत करना और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है।
कुवैत की समाचार एजेंसी के अनुसार, मैक्रों कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबाह से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा होगी।
फ्रांस और कुवैत के राजनयिक संबंधों की स्थापना के 65 साल पूरे होने के मौके पर यह यात्रा हो रही है। दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग रहा है।
मैक्रों की बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा, होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और ऊर्जा आपूर्ति जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
हुर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया में तेल की आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच फ्रांस खाड़ी देशों के साथ इन मुद्दों पर चर्चा करना चाहता है।
मैक्रों की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब फ्रांस के भीतर भी विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है। देश की आर्थिक स्थिति और सरकार की खर्चों में कटौती से जुड़ी नीतियों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
फ्रांस की खाड़ी क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी भी है और वहां के कई देशों के साथ उसके लंबे समय से रक्षा संबंध हैं। ऐसे में मैक्रों का यह दौरा सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और क्षेत्रीय चुनौतियों पर साझा बातचीत का अवसर माना जा रहा है।
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