रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल अवीव के अधिकारियों को डर है कि अगर बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य बंद हो गया, तो इस्राईल के समुद्री व्यापार और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस अहम समुद्री रास्ते पर यमन और ईरान के प्रभाव और नियंत्रण से इस्राईल चिंतित है, क्योंकि यह दुनिया के महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों में से एक है।
रूसी मीडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बाब अल-मंदब अब ईरान और यमन के हाथ में एक “खतरनाक हथियार” बन गया है, जो इस्राईल के लिए गंभीर खतरा है। यह एक ऐसा रणनीतिक स्थान है जो क्षेत्र के आर्थिक और सुरक्षा संतुलन को बदल सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अमेरिका और इस्राईल फिर से ईरान पर हमला करते हैं, तो इस जलडमरूमध्य के बंद होने का सीधा असर तल अवीव पर पड़ेगा, क्योंकि इस्राईल एशिया और अफ्रीका से जुड़ने के लिए इसी रास्ते पर काफी निर्भर है। यमन के अंसारुल्लाह के एक नेता ने हाल ही में ट्रंप को चेतावनी दी थी कि इस रास्ते को बंद किया जा सकता है।
आंकड़ों के अनुसार, इस मार्ग से दुनिया के 10–15% व्यापार का आवागमन होता है, जिसमें रोज़ाना करीब 60 लाख बैरल तेल और बड़ी मात्रा में गैस शामिल है।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, अगर यह रास्ता बंद हो जाता है, तो जहाजों को अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से से लंबा रास्ता लेना पड़ेगा, जिससे हर यात्रा में 10–15 दिन और 10–20 लाख डॉलर तक अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है। इस्राईल के एक सुरक्षा संस्थान के अनुसार, इस रास्ते में रुकावट से इस्राईल सबसे ज्यादा प्रभावित होगा, क्योंकि एशिया और अफ्रीका के बाजारों तक उसकी पहुंच इसी मार्ग से होती है।
इस्राईल का लगभग 85% समुद्री व्यापार एशिया के साथ लाल सागर के रास्ते होता है और 40% आयात इसी मार्ग से आता है। इस्राईल ने भी माना है कि बाब अल-मंदब पर बढ़ता नियंत्रण उसके लिए बड़ा खतरा है, क्योंकि इससे व्यापार और अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है और आयात महंगे हो जाते हैं, जिससे देश में महंगाई बढ़ सकती है।
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